रिश्वत के बाद सटोरिये को छोड़ दिया, एसएसपी ने थानाध्यक्ष, उपनिरीक्षक सहित पांच पुलिसकर्मी किए निलंबित
 

 
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मथुरा, । रिश्वत लेकर सटोरिये को छोड़ने और फिर उस पर कार्यवाही करने के मामले की हुई शिकायत के बाद बैठी जांच में दोषी पाए जाने पर शनिवार एसएसपी ने गोवर्धन के थाना प्रभारी सहित एक उपनिरीक्षक और तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया  है।  दो दिन पहले शिकायत मिलने पर एसएसपी ने बरसाना थाना प्रभारी को भी निलंबित कर दिया था।

गौरतलब हो कि, गोवर्धन थाना व कस्बा के दानघाटी मंदिर के समीप मयंक भट्ट पुत्र प्रदीप कुमार जूता चप्पल की दुकान करता है। 8 मई की शाम को थाना पुलिस उसकी दुकान पर पहुंची और उसको उठा कर थाने ले गई। बताया गया कि  उसको राधाकुंड रोड पर गौडिया मठ के पास सट्टे की खाई बाड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार किया । परिजन मयंक को छुडवाने में जुट गए। आरोप है कि देर रात उसको सट्टे का मुकदमा लिख कर लेनदेन कर थाने से ही जमानत दे दी गई। इस बात की चर्चा भी कस्बे में फ़ैल  गई।

घटना से आहत पीड़ित मयंक ने 11 मई को मथुरा पहुंच कर एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर से गोवर्धन थाना पुलिस की कारगुजारी की लिखित शिकायत की। एसएसपी ने गोपनीय तरीके से अपर पुलिस अधीक्षक श्रीश चंद को इसकी जांच सौंपी। उन्होंने जांच में आरोप सही पाए जिसकी रिपोर्ट मिलने पर एसएसपी ने शनिवार तत्काल प्रभाव से थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार द्विवेदी और दरोगा योगेश कुमार सहित तीन पुलिसकर्मी क्रमशः पवन कुमार अमित कुमार मनोहर सिंह को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। इसके साथ ही एसएसपी ने सभी के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दे दिए। एसएसपी की लगातार दो थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
 

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