सीएम योगी का भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार, टप्पल की जमीन यमुना प्राधिकरण में की गई अधिसूचित जमीन

 
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लखनऊ/अलीगढ। सीएम योगी ने भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार करते हुए टप्पल नगर पंचायत के क्षेत्र में पडऩे वाली भूमि को अब यमुना विकास प्राधिकरण में शामिल कर दिया गया है। इस फैसले के साथ ही टप्पल नगर पंचायत का अस्तित्व समाप्त हो गया है।  इस फैसले से टप्पल क्षेत्र में जमीनों का धंधा करने वाले एक बड़े गिरोह का अंत हो जाएगा।

जानकारी के मुताबिक अलीगढ जनपद की टप्पल नगर पंचायत में बड़े पदों पर आसीन एक अधिकारी व एक राजनेता यहां जमीनों का अवैध कारोबार चला रहे थे। इस अवैध कारोबार को दलाल टाईप के कई नेताओं का भी आर्शीवाद प्राप्त था। इस गिरोह के तार यमुना सिटी से लेकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा तक फैले हुए हैं। आज उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है। इस फैसले के तहत टप्पल नगर पालिका क्षेत्र में पडऩे वाली अधिकतर जमीन (क्षेत्र) को यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के लिए अधिसूचित कर दिया गया है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने मीडिया के साथ साझा की है।

यहां यह तथ्य भी विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डा. अरूणवीर सिंह व उनकी पूरी टीम लम्बे अर्से से शासन में यह शिकायत कर रहे थे कि टप्पल के क्षेत्र में जमीनों का अवैध धंधा चलाया जा रहा है। टप्पल नगर पंचायत के क्षेत्र में पडऩे वाली जमीनों की आड़ में ही यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की जमीनों को भी खुर्द-बुर्द किया जा रहा था। नगर पंचायत में बैठे भ्रष्ट अधिकारी व कर्मचारी कुछ  माललेकर बड़ी आसानी से अपनी जमीन पर कालोनी काटने व भवन बनाने की अनुमति भू-माफियाओं को प्रदान कर देते थे। अब उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले से इस पूरे अवैध धंधे व धंधेबाजों पर ब्रेक लग जाएगा और टप्पल नगर पंचायत का अस्तित्व अब इतिहास के पन्नो मे दर्ज हो जाएगा । जनकार लोगों का दावा है कि उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंसपॉलिसी का हिस्सा है। इस फैसले से बुल्डोजर बाबा योगी आदित्यनाथ ने भू-माफियाओं पर बड़ा चाबुक चलाया है।

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