मोरना चीनी मिल के बारे में पूर्व गन्ना मंत्री सुरेश राणा व वीरपाल निर्वाल बोले थे झूठ, चीनी मिल विस्तार की कोई योजना नहीं !

 
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मुजफ्फरनगर -राजनीति में नेता झूठ बोलने में कभी संकोच ही नहीं करते और बड़ी खूबसूरती से बोलते हैं, यह जानते हुए भी बोलते हैं कि एक ना एक दिन उनका झूठ जनता के सामने आ जाएगा, लेकिन वे तात्कालिक लाभ के लिए बड़ी खूबसूरती से झूठ बोलने में कोई गुरेज नहीं करते। 

ऐसा ही मामला मुजफ्फरनगर जनपद में मोरना चीनी मिल को लेकर सामने आया है।  मोरना चीनी मिल की क्षमता विस्तार के लिए बड़े लंबे समय से क्षेत्र के किसान आंदोलन करते आ रहे हैं, विधानसभा चुनाव से पहले जिले में यह  प्रचार बड़े जोर शोर से किया गया था कि मोरना चीनी मिल का विस्तार सरकार द्वारा मंजूर हो गया है। प्रदेश के तत्कालीन गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने पत्रकारों को बताया था कि मोरना शुगर मिल के विस्तारीकरण की मांग को प्रदेश सरकार ने मंजूर कर लिया है, जिला पंचायत के अध्यक्ष डॉक्टर वीरपाल निर्वाल ने भी यह बयान जारी किया था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उन्होंने मोरना चीनी मिल के विस्तारीकरण का मांग पत्र दिया था जिसके बारे में सरकार ने प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है और मोरना  शुगर मिल में शुगर कंपलेक्स बनाने की बात स्वीकार कर ली गई है और मिल की पेराई क्षमता बढ़ाई जाएगी।

चुनाव के समय की गई घोषणा आज उस समय केवल झूठ और जुमला साबित हुई, जब मीरांपुर क्षेत्र के विधायक चंदन चौहान ने विधानसभा में मोरना मिल के विस्तार की योजना की जानकारी चाही।  विधायक चंदन चौहान ने विधानसभा में पूछा कि क्या गन्ना विकास मंत्री बताने की कृपा करेंगे कि जनपद मुजफ्फरनगर की गंगा किसान सहकारी चीनी मिल लिमिटेड मोरना के विस्तारीकरण की सरकार की कोई योजना है, यदि हां तो क्या ?, जिसका लिखित जवाब देते हुए प्रदेश के वर्तमान गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बताया कि वर्तमान में इस आशय का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।  गन्ना मंत्री ने अपने लिखित उत्तर में यह भी बताया कि मोरना चीनी मिल की दैनिक गन्ना पेराई क्षमता 2500  टीसीडी है, जिसकी नेटवर्थ ऋणात्मक होने तथा दिनांक 31 मार्च 2021 तक 351.46 करोड़ की संचित हानियां होने के कारण उक्त चीनी मिल के विस्तारीकरण हेतु आवश्यक वित्तीय व्यवस्था के लिए किसी भी वित्तीय संस्था और बैंकों से ऋण मिलना संभव नहीं है। गन्ना मंत्री के इस बयान से यह साबित हो गया कि पूर्व मंत्री सुरेश राणा और जिला पंचायत के अध्यक्ष वीरपाल निर्माण समेत भाजपा के नेता चुनाव से पहले केवल झूठ बोल रहे थे, प्रदेश सरकार के समक्ष इस तरह का कोई प्रस्ताव लंबित ही नहीं था। 

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