विश्वस्तरीय योजनाओं का दावा करने वाली सरकार में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल - अखिलेश यादव

 
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लखनऊ। सदन में मंगलवार को मानसून सत्र के दूसरे दिन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश में गरीबों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर जमकर निशाना साधा।

उन्होंने इस दौरान कोरोना काल, सरकार की योजनाओं और स्वास्थ्य व्यस्थ्या पर सवाल खड़ा करते हुए योगी सरकार को घेरा और बिना नाम लिए स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पर हमला बोला।

नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार कहती है कि हमारी योजनाएं विश्व स्तर की हैं लेकिन यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत खराब है। डॉक्टरों ने इलाज से हाथ खड़े कर लिए हैं। अस्पताल में लापरवाही से लोगों की जान जा रही है। कन्नौज में अस्पताल में कुत्ते ही कुत्ते दिखे हैं। कोरोना के वक्त की दुर्दशा को भूला नहीं जा सकता है। अस्पतालों में दवाइयां और मशीनें नहीं हैं। सरकार बताए कितनी मशीनें खरीदी गई हैं।

सपा प्रमुख ने कहा कि गरीब मरीजों को सुविधा नहीं मिल रही है। लोगों को इलाज के लिए दिल्ली जाना पड़ रहा है। लगता है दिल्ली वाले मदद नहीं कर रहे हैं। झोला छाप डॉक्टर इलाज कर रहे हैं। मरीज चारपाई पर जा रहे हैं। लोग बोल रहे हैं कि मंत्री अस्पतालों में जाते हैं और केवल छापा मारते हैं। केवल छापामार मंत्री बनोगे या कुछ काम भी करोगे। अस्पतालों में पानी भरा हुआ है। ये सरकार डबल इंजन का होने का दावा करती है, लेकिन मंत्रियों के पास कोई जवाब नहीं है।’

उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री को बजट नहीं दिया जा रहा है। छापामार मंत्री के छापों का क्या असर हो रहा है। ये सरकारी अस्पतालों को बंद करने की साजिश है। सरकार के पास स्टाफ की कमी है। ये निजीकरण के कारण सरकारी संस्थान बंद करना चाहते हैं। सरकार निजीकरण का रास्ता अपना रही है। मरीज ठेले पर अस्पताल जा रहे हैं, एंबुलेंस कहां हैं?

नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव के सदन में उठाए स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के सवालों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जवाब दिया। जवाब से संतुष्ट न होने पर उन्होंने सदन के मानसून सत्र से वॉक आउट किया।

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