हमीरपुर में सैकड़ों खराब नलकूपों ने किसानों की बढ़ाई परेशानी

 
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हमीरपुर । जिले में सरकारी नलकूपों का हाल खराब है। कोरोना संक्रमण काल से ही सैकड़ों नलकूप धड़ाम हैं, जिससे 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल की जमीन सिंचाई के लिए तरस रही है। बड़ी संख्या में तो राजकीय नलकूप का जलस्तर नीचे सरकने से काम नहीं कर रहे हैं। डिपार्टमेंट भी वर्षों से इन राजकीय नलकूपों को लेकर टेंशन में है।

जिले में पिछले कई दशकों से 559 राजकीय नलकूप प्रखंड हमीरपुर के आधीन हैं, जिनकी देखरेख न किए जाने से ये किसानों के लिए अभिशाप साबित हो रहे हैं। साढ़े पांच सौ से अधिक नलकूपों से किसानों की 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल की जमीन को सिंचाई का पानी मिलता था लेकिन मौजूदा में हाल यह है कि हजारों हेक्टेयर रकबा पानी न मिलने के कारण बंजर हो गया है। किसान परेशान होकर डिपार्टमेंट के चक्कर लगा रहा है लेकिन अधिकारी सरकारी फंड न मिलने का रोना रो रहे हैं।

बताते हैं कि पिछले कई सालों से ही जिले में 177 से अधिक राजकीय नलकूप बंद पड़े हैं, जिनकी मरम्मत के लिए कोई जद्दोजहद नहीं की जा रही है। किसानों का कहना है कि अकेले 177 नलकूपों के धड़ाम होने से 8800 हेक्टेयर क्षेत्रफल के रकबे की सिंचाई वर्षों से नहीं हो पा रही है।

बजट न मिलने से नहीं रिबोर हो सके 177 नलकूप

सुमेरपुर क्षेत्र के पत्योरा गांव के क्षेत्र पंचायत सदस्य केएस चंदेेल ने बताया कि भूगर्भ जलस्तर सरकने से एक साल में 52 नलकूप बंद हो गए हैं। वहीं दो सालों से 112 नलकूपों का संचालन ठप है। इन नलकूपों के कमांड में आने वाली हजारों हेक्टेयर क्षेत्रफल की जमीन को सिंचाई का पानी भी नहीं मिल पा रहा है। बताया कि वर्ष 2020-21 में तीन नलकूपों के रिबोर कराए जाने के लिये फंड मिला था, बावजूूद इसके स्थिति जस की तस ही बनी हुई हैं। भोला प्रजापति व विजय कुमार ने बताया कि तमाम यांत्रिक दोष से नलकूप ठप पड़े हैं।

निजी नलकूपों से पानी लेने को अब किसानों की मजबूरी

किसान शिवबरन निषाद ने बताया कि राजकीय नलकूप-237 पिछले कई सालों से जर्जर है जिसे आज तक रिबोर नहीं कराया जा सका। राजकीय नलकूप-151 भी दो साल से बंद है जिससे सैकड़ों बीघे की भूमि सालों से परती पड़ी है। इसी तरह से पत्योरा व बड़ागांव के बीच राजकीय नलकूप भी सालों से धड़ाम है। किसानों ने बताया कि नलकूप बंद चलने से एक किमी दूर निजी नलकूप से पानी लेने को किसान मजबूर हैं। साढ़े तीन सौ रुपये बीघे के हिसाब से पानी खरीदने की मजबूरी डिपार्टमेंट भी नहीं देख पा रहा है।

कोरोना संक्रमण काल से डिपार्टमेंट को नहीं मिला धेला

नलकूप प्रखंड हमीरपुर के अधिशाषी अभियंता एसके त्रिवेदी ने बताया कि जिले के कुरारा क्षेत्र में 36, सुमेरपुर में 42, मौदहा में 18, सरीला में 12, मुस्करा में एक व गोहांड क्षेत्र में तीन नलकूप बंद हैं। बताया कि 559 नलकूपों में 177 नलकूप रिबोर होने हैं, लेकिन पिछले दो सालों से शासन से बजट का एक भी धेला नहीं मिल सका। बताया कि एक नलकूप से 50 हेक्टेयर के रकबे की सिंचाई होती हैं। अधिशाषी अभियंता का कहना है कि इस वित्तीय वर्ष में शासन से फंड मिलने की उम्मीद है। बजट मिलने पर सभी नलकूप मरम्मत और रिबोर कराए जाएंगे।

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