सुलतानपुर में 35 साल के खांटी कांग्रेसी का छलका दर्द, लिखा पत्र

 
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सुलतानपुर। कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाला सुलतानपुर से पार्टी के लिए बुरी खबर है। संजय गांधी के समय के खांटी कांग्रेसी नेता रामचंदर रावत का पार्टी से मोह भंग हो गया है। उन्होंने उपेक्षा का शिकार होने का आरोप मढ़ते हुए भाजपा में शामिल होने के लिए सांसद मेनका गांधी को बाकायदा पत्र लिख डाला है। साथ ही साथ उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए उनकी विदेश नीति की सराहना की है। जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पर हैं तो ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब घर की नींव दरक रही है भारत जोड़ने का फायदा क्या है?

उन्होंने बहुगुणा की यूथ फॉर डेमोक्रसी से अपने राजनैतिक कैरियर की शुरुआत 1982-83 में किया था। फिर संजय गांधी से वे कांग्रेसी हो गए। पार्टी में 35 सालों से जुटे हैं। 1986 में अमेठी में साइकिल से उन्होंने भारत भ्रमण यात्रा निकाला। 1 जून 1987 में सुलतानपुर से दिल्ली तक पद यात्रा और 5 नवंबर 1994 में सुलतानपुर से वाया वैष्णो देवी जम्मू कश्मीर तक पद यात्रा निकाला। 7 जुलाई 1997 को अयोध्या से रामेश्वरम तक की पद यात्रा की। इन यात्राओं में उन्हें रास्ते में पड़ने वाले हर थानों से प्रमाण भी मिला है। कई अफसरों ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी कर रखा है।

-कांग्रेस ने दिया नहीं बर्बाद किया

कांग्रेस के संगठन में उन्हें कई एक पद मिला। लेकिन पैंतीस साल के लंबे समय अंतराल में उनका बड़ा दुःख और दर्द है कि मीटिंग होती है और उन्हें बुलाया नहीं जाता है। वे कहते हैं कि पार्टी ने हमें कुछ नहीं दिया। सिर्फ बर्बाद हुये बस और घर का पैसा बर्बाद हुआ। राम चंदर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी खत्म हो चुकी है अब उसमें कोई दम नहीं है। न ही उसमें कोई कार्यकर्ता है। भारत जोड़ो का कोई असर नहीं पड़ेगा जब कार्यकर्ता को जोड़ेगे नहीं।

रोज बेचते हैं 100-150 चाय

नगर के शाहगंज पुरानी बाजार में राम चंदर रावत ने अपने घर पर ही मामूली सी चाय की दुकान खोल रखी है। प्रतिदिन वे यहां से 100-150 चाय बेचते हैं। पत्नी स्कूल में भोजन बनाती हैं। वैसे उनकी माली हालत बदतर है। करीब 25 वर्ष पूर्व वे अपने बड़े भाई के साथ सर्राफा का काम करते थे।

मोदी की विदेश नीति के हैं फैन

रामचन्दर रावत को प्रधान मंत्री मोदी की नीति अच्छी लगती है। खासकर उनकी विदेश नीति के वे फैन हैं। पार्टी में तिरस्कार के बाद उन्होंने सांसद मेनका गांधी को पत्र लिखकर कहा 'मैं भाजपा में शामिल होना चाहता हूं'। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करना चाहता हूं। उनका दावा है कि आने वाले पांच माह में वे अपने सभी कार्यकर्ताओं को भाजपा में शामिल करा देंगे, जिससे लोकसभा चुनाव में भाजपा को भारी लाभ मिलेगा।

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