मानसून सत्र : ब्रजेश पाठक सदन में बोलने के लिए खड़े हुए तो सपा सदस्यों ने किया हंगामा

 
म

लखनऊ। उप्र विधान सभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को शून्य प्रहर में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सदन में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव के मंगलवार के सवालों को जवाब देने के लिए खड़े हुए तो समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया तो ब्रजेश पाठक ने कहा कि सच सुनने की इनमें हिम्मत नहीं है।

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि कल इन्होंने (नेता प्रतिपक्ष) जिस भाषा का इस्तेमाल किया था, वह ‘सड़कछाप’ से भी बदतर है। कोई भी पूर्व सीएम और नेता प्रतिपक्ष की इस दर्जे की भाषा नहीं हो सकती। हमे भरोसा है कि समय आने पर जनता इन्हें जवाब देगी।

पाठक ने कहा कि 2017 से पहले यूपी की स्वास्थ्य व्यवस्था किसी से छिपी नहीं है। मैने 272 अस्पतालों का निरीक्षण किया है। यह (अखिलेश) एसी कमरों से बाहर नहीं निकले। हमारी सरकार में बेहतरीन स्वास्थ्य व्यवस्था है। योगी के नेतृत्व में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग मजबूती से काम कर रहा है। इस दौरान सपा के सदस्यों पर पाठक की नाराजगी भी देखने को मिली। सपा के एक विधायक से उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दिमाग न खराब हो।

पाठक ने पढ़ी शायरी

ब्रजेश पाठक ने इस दौरान शायरी पढ़कर सपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा ‘समझने लगे थे कि आस्तीन छिपा लेगी सब गुनाह उनके, लेकिन ग़ज़ब हुआ कि सनम बोलने लगे..’। नफरत की एक बूंद ही माहौल बदनुमा कर गयी, जहां से आया है ये झूठ और फरेब का ज़हर, वो दरिया कैसा होगा..’।

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने खुद सदन में खड़े होकर कहा कि जब मेरे सवालों का जवाब कल नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दे चुके हैं तो उस पर आज स्वास्थ्य मंत्री क्या बोलना चाहते हैं ? क्या सरकार में सामांजस्य की कमी है ? इस पर पीठ की तरफ से अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि पाठक स्वास्थ्य विभाग के मंत्री हैं। इसलिए कुछ बचे हुए मुद्दों पर अपना पक्ष रखना चाह रहे हैं। इस पर सपा के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।

मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी ने दिया था जवाब

दरअसल मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने विधान सभा में शून्य प्रहर के दौरान उप्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ा किये थे। सरकार को हर मुद्दे पर फेल बताया था। उनके गंभीर आरोपों का उत्तर सदन में उस वक्त स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के बजाए नेता सदन ने खुद दिया था। आज जब एक बार फिर से पाठक बालने के लिए खड़े हुए तो सपा सदस्यों ने हंगामा करते हुए सदन से बहिर्गमन किया।

आजम के मुद्दे पर सपा ने सदन से किया बहिर्गमन

विधान मण्डल के दोनों सदनों में बुधवार को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां के उत्पीड़न का मुद्दा उठा। विधान सभा की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने सरकार द्वारा आजम खां के उत्पीड़न किये जाने के मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। इस पर विधान सभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल के बाद इस विषय को लेने का आश्वासन दिया तो अखिलेश यादव अपनी सीट पर बैठ गए। दूसरी तरफ विधान परिषद में सपा के सदस्यों ने आजम के मुद्दे पर हंगामा किया। सपा ने आरोप लगाया कि आजम खां का उत्पीड़न किया जा रहा है। सदन में इस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। काफी देर तक हंगामा करने के बाद सपा के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।

बाद में विधान सभा गुरुवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

From around the web