निकाय चुनाव लड़ने की तैयारी में सभा कर रहे ओमप्रकाश राजभर- बसपा, सपा को लेकर कही ये बात

 
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बलिया। बलिया के मनियर में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओमप्रकाश राजभर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रदेश में जहां जहां हमारे नेता है निकाय चुनाव लड़ने की तैयारी में है हम वहां जाकर उनको ताकत देने के लिए सभा कर रहे है।
ओमप्रकाश राजभर ने रामपुर, मैनपुरी उप चुनाव को लेकर कहा कि प्रदेश में जो उप चुनाव होते है वोह सत्ता पक्ष के होते है। जब नेता जी बसपा,सपा गठबंधन में चुनाव लड़े तो 95 हजार वोटों से चुनाव जीते, अगर बसपा का वोट निकाल दीजिये तो मैनपुरी में क्या हाल है सपा का ? हम पिछले रिकॉर्ड के आधार पर कह रहे है। ये लोग खाली चिल्ला रहे है। 4 बार की सपा सरकार में जिनके साथ अन्याय अत्याचार हुआ। वो लोग सपा को वोट देने को तैयार नही है।
सपा के साथ चाचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश के साथ आने को लेकर ओमप्रकाश राजभर ने आड़े हांथो लेते हुए कहा कि चाचा कब अलग रहे ? बता दीजिए ? इसमें भी साथ रह कर कितना वोट दिल देंगे ? राजभर ने कहा कि मैं सपा के साथ रहा तो अम्बेडकर नगर,आज़मगढ़, ग़ाज़ीपुर खाता नही खुलने दिया। बलिया में हमारे मित्र लड़ रहे थे नही तो वहाँ भी हाँथ लगा ही दिया था।
वही मैनपुरी में सुभासपा प्रत्याशी का पर्चा खारिज किए जाने को लेकर कहा कि यह रिटर्निंग ऑफिसर की चालबाजी कह लीजिए या प्रत्याशी की चालबाजी हो केवल शपथ के ना लेने की वजह से मैनपुरी में हमारा पर्चा खारिज हो गया, नही तो हम तो छमाही परीक्षा पास कर लिए थे। राजभर ने स्पष्ट किया कि हम मैनपुरी में किसी का समर्थन नही करेंगे। हमारे वोटर बहुत चालक है व स्वतंत्र है। वो समझ रहे है कि हमारा भला कहाँ है।
वही सुभासपा अध्यक्ष ने स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा राम और मोदी पर दिए गए विवादित बयान पर स्वामी प्रसाद मौर्य पर जमकर हमला बोलते हुए तंज भी कस दिया। कहा कि नेता चर्चा में आने के लिए इस तरह की बयानबाजी करते है। 7 साल पहले जब ये बसपा में थे तो क्या बोलते थे सपा में आये तो क्या बोल रहे है और भाजपा में थे तो क्या बोल रहे थे। इनका पीछे और आगे का वीडियो दिखा दीजिए , यह क्या बोलते थे ? राजनीति में इनका दांव जहां लग जाय वहाँ ये चले जाते है। राजभर ने कहा कि हम लोग जब छोटे थे तब गांव में मनोरंजन के नाम पर या रामलीला देखने के नाम 40 -45 साल पहले पर जाते थे। लेकिन ये बसपा में मिनिस्टर बने तब नही याद आया बोलने के लिए ? भाजपा में गए तब क्यों नही बोले ? 5 साल तो रसमलाई खूब खाए। अब सपा में गए है तो बोल रहे है। 

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