यूपी में पुलिस की बर्बरता: मदारी समाज की गर्भवती समेत दर्जनभर महिलाओं पर लाठी चार्ज 

 
पुलिस गई थी दबीश देने, छत से कूद गया अपहरण करने का आरोपी
एटा। एक तरफ उ.प्र. के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस अफसरों को हिदायतें दे रहे हैं। उन्हें जनता से अच्छा सुलूक करने का कहा जा रहा है। पर, ये हिदायतें एटा की जलेसर थाना पुलिस को याद नहीं रहीं, गुरुवार की रात 10-11 बजे एक युवक को छुड़ाने की मांग को लेकर थाना परिसर में बैठीं मदारी समाज की महिलाओं पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठी चार्ज कर घायल कर दिया।

जलेसर कोतवाली क्षेत्र के अन्तर्गत मोहल्ला हथौड़ा से बुधवार की रात करीब 10 बजे इलाका पुलिस ने एक मामले में अनीश नामक युवक को गिरफ्तार कर थाने में बंद किया था। इसके कुछ घंटों बाद मदारी समाज की दर्जनभर महिलाएं थाने पहुंची और कहा कि अनीश ने कोई अपराध नहीं किया है, उसको पुलिस ने झूंठे आरोप में पकड़कर बंद कर दिया है।

कुछ देर बाद कोतवाली इंस्पेक्टर गजराज सिंह वहां पहुंच गए। उन्होंने महिलाओं को समझाने के लिए पांच-छह पुरुष सिपाही भेजे। इस दौरान महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनके साथ महिला पुलिसकर्मी नहीं थीं। केवल पुरुष सिपाही थे, जिन्होंने महिलाओं के साथ छेड़खानी की, विरोध करने पर 10-15 पुलिसकर्मियों ने उनके साथ लाठियों से मारपीट की। पुलिसकर्मियों द्वारा बर्बरतापूर्वक की गई लाठी चार्ज में एक गर्भवती महिला समेत दर्जनभर महिलाएं घायल हो गईं।

इंस्पेक्टर ने कहा कि महिलाओं के आरोप निराधार है। पुलिसकर्मियों का कहना था कि महिलाओं द्वारा पथराव किया जा रहा था। इस मामले की जानकारी पर पुलिस के आलाधिकारी कोतवाली जलेसर पहुंच गए। महिलाओं से पूछताछ की गई। इस दौरान महिला ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की और झूंठे आरोप में गिरफ्तार किए गए युवक को छोड़ने की बात कही। आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

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