रामपुर और खतौली उप चुनाव में राजनीतिक दलों ने झोंकी ताकत, दोनों पक्षों की प्रतिष्ठा लग गई दांव पर 

 
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मेरठ। मुजफ्फरनगर जनपद की खतौली और रामपुर शहर विधानसभा सीटों के उप चुनाव को जीतने के लिए भाजपा और सपा-रालोद ने कमर कस ली है। भाजपा ने इन उप चुनावों को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर पूरी ताकत झोंक दी है तो सपा-रालोद के लिए भी उप चुनाव अस्तित्व की लड़ाई बन गया है।

भड़काऊ भाषण मामले में निवर्तमान विधायक विक्रम सैनी को दो साल की सजा होने के बाद खतौली सीट पर उप चुनाव हो रहा है। पांच दिसम्बर को रामपुर और खतौली सीट पर मतदान होगा। भाजपा ने यहां से विक्रम सैनी की पत्नी राजकुमारी सैनी को टिकट दिया है तो रालोद-सपा गठबंधन से पूर्व बाहुबली विधायक मदन भैया को चुनाव मैदान में उतारा गया है। बसपा और कांग्रेस ने यहां पर अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है। खतौली उप चुनाव को जीतने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है।

मुजफ्फरनगर सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान के लिए यह उप चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। इसी कारण वह गांव-गांव जाकर भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांग रहे हैं। इसके अलावा भाजपा ने अपने मंत्रियों, सांसदों, विधायकों को खतौली उप चुनाव में उतारा हुआ है। अब तक मुजफ्फरनगर में कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भी प्रचार कर चुके हैं।

राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल, राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर, राज्य मंत्री दिनेश खटीक, एमएलसी अश्विनी त्यागी, पूर्व विधायक सत्यवीर त्यागी लगातार खतौली को मथने मेें लगे हैं। भाजपा को हराने के लिए रालोद और सपा नेता भी पूरी ताकत झोंके हुए हैं। भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत इस चुनाव में भाजपा का विरोध करने की बात कह चुके हैं। नोएडा के चर्चित श्रीकांत त्यागी भी भाजपा विरोध और रालोद समर्थन में गांव-गांव जा रहे हैं।

रामपुर सीट भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के लिए प्रतिष्ठा बनी

आजम खां को तीन साल की सजा होने के बाद रामपुर शहर सीट पर उपचुनाव हो रहा है। यहां पर भाजपा ने आजम खां के खिलाफ कोर्ट में लड़ाई लड़ रहे आकाश सक्सेना को फिर से चुनाव मैदान में उतारा है तो सपा ने आसिम रजा को प्रत्याशी बनाया है। रामपुर सीट पर कमल खिलाने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी हुई है। आजम के धुर विरोधी कांग्रेस नेता नवेद मियां ने भाजपा को समर्थन करने का ऐलान किया है। इससे सियासी जंग काफी रोचक हो गई है। इसी तरह से भाजपा ने आजम विरोधियों को साधने का काम तेज कर दिया है। कांग्रेस और बसपा ने यहां भी अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है।

रामपुर में भाजपा और सपा के बीच आमने-सामने का मुकाबला है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। भाजपा ने अपने मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की फौज को रामपुर चुनाव में लगाया हुआ है। कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, राज्य मंत्री बलदेव सिंह ओलख, राज्य मंत्री गुलाब देवी समेत तमाम पार्टी पदाधिकारी चुनाव प्रचार में जुटे हैं। जबकि सपा चुनाव प्रचार की अगुवाई आजम खां कर रहे हैं। उनकी कोशिश किसी भी प्रकार से रामपुर सीट पर सपा का वर्चस्व बरकरार रखने की है।
 

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