उप्र विधान मंडल सत्र आज से, सरकार को घेरने के लिए विपक्ष ने कसी कमर

 
उप्र विधान मंडल सत्र सोमवार से, सरकार को घेरने के लिए विपक्ष ने कसी कमर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान मंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरु हो रहा है। सदन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें सभी दलीय नेताओं ने सदन चलाने में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।

वहीं बैठक के बाद सपा, बसपा और कांग्रेस के विधायकों ने कहा कि मानसून सत्र में विपक्ष कानून-व्यवस्था और महंगाई समेत अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर रहेगा। विपक्ष के नेताओं ने कहा कि योगी सरकार कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर असफल है। प्रदेश में आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। महंगाई ने आम आदमी का जीना दूभर कर दिया है। सपा विधायक मनोज पांडेय ने कहा कि सदन में विपक्ष जनहित से जुड़े मुद्दों को जोरदारी के साथ उठायेगा।

सदन में सरकार को घेरने के लिए विपक्ष के सभी प्रमुख दलों ने अपने विधायकों के साथ रविवार को बैठक कर रणनीति पर चर्चा भी की।

दूसरी तरफ विपक्ष को जवाब देने के लिए सत्ता पक्ष भाजपा ने भी पूरी तैयारी कर ली है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का कहना है कि सदन को सुचारु रुप से चलाने की जिम्मेदारी सत्ता दल के साथ विपक्ष की भी होती है। यदि विपक्ष चाहेगा तो सदन अच्छे ढंग से चलेगा और जनहित के मुद्दों पर चर्चा भी होगी।

सदन के सुचारु संचालन को विस अध्यक्ष ने सभी दलीय नेताओं से मांगा सहयोग

पूर्व में विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मानसून सत्र को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए रविवार को सभी दलीय नेताओं से सहयोग के लिए अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि संसदीय व्यवस्था में संवाद और सकारात्मक चर्चा-परिचर्चा के माध्यम से लोकतंत्र मजबूत होता है।

विधान भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक में सभी दलीय नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष को सदन चलाने में सहयोग देने का आश्वासन दिया। बैठक में विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि यह देश की सबसे बड़ी विधान सभा है। स्वाभाविक रूप से उत्तर प्रदेश विधान सभा की कार्यवाही पूरे देश के विधान मण्डलों के लिए एक मानक और आदर्श भी उपस्थिति करती है।

विधान सभा अध्यक्ष ने सभी दल के नेताओं से अनुरोध किया कि वे अपना-अपना पक्ष सदन में शालीनता एवं संसदीय मर्यादा के अन्तर्गत रखे और प्रेमपूर्ण वातावरण में सदन में बहस करें।

बैठक में शामिल नेता सदन व प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनता ने बड़े विश्वास के साथ सभी सदस्यों को देश की सबसे बड़ी विधान सभा में चुनकर भेजा है। उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरना हम सबका दायित्व है, इससे सभी दलों की गरिमा बढ़ेगी। साथ ही गम्भीर और प्रभावी चर्चा से जनता के सम्मान में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों को आश्वस्त करता हूँ कि सरकार उनका भरपूर सहयोग करेगी।

इस मौके पर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सभी दलीय नेताओं को आश्वस्त किया कि सरकार पूरी गम्भीरता के साथ सदन में सदस्यों के प्रस्तावों को सकारात्मक रूप से तथा विकास को नई गति देने और उसे आगे बढ़ाने के लिए कार्य करेगी। सरकार सभी मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाही के लिए प्रतिबद्ध है। संसदीय कार्यमंत्री ने मुख्यमंत्री की भावना के अनुरूप सभी दलीय नेताओं से सदन में शान्तिपूर्ण सहयोग करने की अपील की है।

22 सितम्बर को महिला सदस्यों के लिए आरक्षित रहेगी सदन की चर्चा

इससे पूर्व कार्य-मंत्रणा समिति की बैठक में विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बताया कि सत्र के पहले दिन वर्तमान सदस्य के निधन का निदेश तथा 20 सितम्बर को तीन सदस्यों को जन्म दिन की बधाई दी जायेगी इसके अगले दिन भूतपूर्व सदस्यों के निधन के निदेश तथा 22 सितम्बर को प्रश्नकाल के बाद महिला सदस्यों के लिए चर्चा हेतु आरक्षित रहेगा जो कि देश की सभी विधान सभाओं में अनूठा होगा।

बैठक में समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष के स्थान पर मनोज पाण्डेय, राष्ट्रीय लोक दल के नेता राजपाल वालियान, अपना दल (सोनेलाल) के नेता राम निवास वर्मा, निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल के नेता अनिल कुमार त्रिपाठी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के सदस्य बेदीराम, कांग्रेस पार्टी की नेता श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’ जनसत्ता दल (लोकतान्त्रिक) के उपनेता विनोद सरोज, बहुजन समाज पार्टी के नेता, उमाशंकर सिंह ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किये और सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित ढंग से चलाने में हर तरह का सहयोग देने का आश्वासन दिया।

बैठक में विधान सभा के प्रमुख सचिव, प्रदीप कुमार दुबे, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद व अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

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