प्रशासन करे पूरे संसाधनों का प्रयोग तो बेड किल्लत होगी कम : डॉ. आरएन गुप्ता 

 
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आगरा। प्रशासन के पास कोरोना के मरीजों के लिए बेडों की कमी नहीं है। अगर वह सरकारी और गैर सरकारी के अस्पतालों के सभी पलगों का प्रयोग करे तो बेडों की कमी नहीं होगी। न ही कोरोना के मरीजों को वापस किया जाएगा। ये बातें  शहर के वरिष्ठ चिकित्सक एसएन अस्पताल के पूर्व अधिकारी डॉ.आरएन गुप्ता ने कही है। 
उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में 25 निजी और पांच सरकारी कोविड अस्पताल है। इन अस्पतालों में 2,345 बेड और 386 वेंटिलेटर हैं। देहात में 25 और शहर में करीब 20 लाख जनता रह रही है। यह इन्हीं बेडों पर निर्भर है। देखा जाए 1919 लोगों के लिए एक बेड और 11658 पर एक वेंटिलेटर की व्यवस्था है। 
सीएमओ कार्यालय के अनुसार देखा जाए जिले में कुल 1011 पंजीकृत प्रतिष्ठान है। जिसमें कुल 6108 बेड और 586 वेंटिलेटर है। ये निजी अस्पताल में उपलब्ध का ब्यौरा है। इसमें सरकारी अस्पतालों का ब्यौरा नहींं है।
उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज में 930 की व्यवस्था है कोविड में 313 ही प्रयोग कर रहे हैं। जिला अस्पताल में 150 बेड है 78 प्रयोग किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य केन्द्रों में 300 बेड की व्यवस्था है। 150 प्रयोग किए जा रहे हैं। सरकारी अस्पताल और निजी अस्पतालों के सभी बेडों का प्रयोग किया जाए तो कोरोना के मरीजों को भर्ती करने में परेशानी नहीं होगी। 

 

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