20 करोड की डकैती डालने को बदमाशों ने की थी 20 दिन की रेकी और रिहर्सल, कमजोर कड़ी की तलाश में जुटी पुलिस  

 
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आगरा। कमला नगर में मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी में दिनदहाड़े पड़ी डकैती के तार पूर्व कर्मवारियों से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। इसकी तस्दीक करने के लिए पुलिस कंपनी के पूर्व कर्मचारियों का ब्यौरा जुटा रही है। इसके साथ ही वह कमला नगर इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी चेक कर रही है। अब तक करीब 200 कैमरों की फुटेज चेक कर चुकी है। 
गोल्ड लोन कंपनी की शाखा में 17 जुलाई को हिस्ट्रीशीटर नरेंद्र उर्फ लाला ने गैंग के साथ दिनदहाड़े डकैती डाली थी। शाखा से करोड़ों के जेवरात लूटकर ले गए। दो बदमाशों मनीष पांडेय और निर्दोष को एत्मादपुर में मुठभेड़ में मार गिराया। उनसे लूटे गए जेवरात भी बरामद किए। हिस्ट्रीशीटर ने फुलप्रूफ प्लान के साथ डकैती डाली थी। गिरोह ने 20 दिन से रेकी और रिहर्सल की थी। वह योजना के तहत ही पैदल डकैती डालने आए थे। वारदात के बाद बदमाश अलग-अलग दिशाओं में पैदल भागे थे। उन्होंने शहर से बाहर भागने के लिए आटो का प्रयाेग किया था। 
बदमाशों ने जिस अंदाज से शाखा में डकैती डाली थी। माना जा रहा है कि उसे कंपनी के लाकर में करोड़ों के जेवरात होने की पुख्ता जानकारी थी। पुलिस की छानबीन में सामने आया कि कंपनी ने अपनी कुछ शाखाओं में गार्ड तैनात कर रखे हैं। जबकि कमला नगर समेत कई शाखा में जहां निर्धारित मात्रा से कम सोने के आभूषण हैं, वहां गार्ड तैनात नहीं हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरोह के तार कंपनी के पूर्व कर्मचारियों से जुड़े हो सकते हैं। जिसने बदमाशों को वहां रखे करोड़ों के जेवरात के बारे में पुख्ता जानकारी दी। पुलिस पांच साल के दौरान कंपनी में काम करने वाले पूर्व कर्मचारियों का ब्यौरा जुटा रही है। इसके साथ ही वह कमला नगर इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक कर रही है। जिससे यह पता लगाया जा सके कि यहां रहने वाले किस स्थानीय व्यक्ति के संपर्क में थे। इसके लिए पुलिस 28 जून से 17 जुलाई तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज चेक करने के लिए पुलिस की पांच टीमें लगाई गई हैं।

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