बागपत: 23 जुलाई की पुसार पंचायत स्थगित,पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में होगी किसानों की ऐतिहासिक महापंचायत

 
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बागपत। दोघट कस्बे में क्षेत्रवासियोंं की पंचायत मेंं मौजिजाबाद नांगल के प्रधान बिजेंद्र सिंह को षड्यंत्र के तहत जेल भेजने का आरोप लगाते हुए पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। पंचायत में भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने 23 जुलाई को पुसार में होने वाली पंचायत को स्थगित करने और पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत में ऐतिहासिक फैसले लेने का एलान किया। साथ ही पिटाई में घायल सक्षम को परिवार का हिस्सा बताया।
दोघट कस्बे में राजेंद्र चौधरी के आवास पर क्षेत्रवासियों की पुलिस प्रशासन के खिलाफ पंचायत हुई। जिसमें आरोप लगाया गया कि बड़ौत थाना पुलिस ने सीमेंट व्यापारी प्रदीप आत्रेय मामले में मौजिजाबाद नांगल प्रधान बिजेंद्र सिंह को निदरेष होते हुए फर्जी तरीके से जेल भेज दिया। उसका उस केस से कोई लेना देना नहीं था। पुलिस ने षड्यंत्रकारी योजना के तहत उसे केस में फंसाकर जेल भेज दिया। इसे क्षेत्र की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।
पंचायत में भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि बिजेंद्र को झूठा फंसाया गया है। इसमें अधिकारियों से बात करेंगे तथा निर्दोष को जेल भेजने वाले बड़ौत इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई कराएंगे। सक्षम के साथ हुई पिटाई के मामले में कहा कि सक्षम भी इसी परिवार का हिस्सा है। कहा कि 23 जुलाई की पुसार में होने वाली पंचायत को किसी कारणवश स्थगित किया गया है। पांच सितंबर की मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत में ऐतिहासिक फैसले लिए जाएंगे।
इस बीच यदि किसी कार्यकर्ता के साथ कोई बात होती है तो आपात पंचायत भी बुलाई जा सकती है। पंचायत की अध्यक्षता रामलाल शर्मा, संचालन विक्रम शर्मा व राजकुमार ने संयुक्त रूप से किया। पंचायत में देश खाप चौधरी सुरेंद्र सिंह, भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह गुर्जर, थांबा चौधरी यशपाल सिंह, रामकुमार, राजीव कुमार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह, रहीसूदीन, नरेंद्र राठी, देशपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
फूट डालो राज करो नीति से बचने का आह्वान किया :—
भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार किसानों की आवाज को दबाना चाहती है । किसान गन्ना बकाया भुगतान आदि समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है। कहा कि किसान दिल्ली बार्डर पर चल रहे धरने से समस्या का समाधान कराकर ही वापिस लौटेगा। कहा कि विस्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली है कि सरकार धरना दे रहे किसानों के साथ कुछ भी करा सकती है।,इसलिए सभी संगठित होकर रहे। जाति बिरादरी सिर्फ विवाह-शादी तक सीमित रखने और सरकार की फूट डालो राज करो वाली नीति से बचने का आह्वान किया।

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