बागपतः कुख्यात धर्मेंद्र किरठल ने इरशाद हत्याकांड में प्रयुक्त तमंचा कराया बरामद

 
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बागपत। जिले के रमाला थाना क्षेत्र के किरठल गांव के किसान इरशाद हत्याकांड में फरार 50-50 हजार रुपये के इनामी कुख्यात धर्मेंद्र किरठल व सुभाष को एसटीएफ नोएडा से दबोच लिया।

  बुधवार को रमाला थाना पुलिस के साथ किरठल गांव के जंगल में पहुंची। रमाला पुलिस ने अपराधी धर्मेंद्र की निशानदेही पर किसान इरशाद की हत्या में प्रयुक्त तमंचा जंगल से बरामद किया। बाद में दोनों आरोपितों को न्यायिक अभिरक्षा में बागपत जेल भेजा गया। 

 रमाला थाना प्रभारी रवेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों आरोपितों ने किसान इरशाद की हत्या करना स्वीकार किया है। पूछताछ में आरोपित धर्मेंद्र ने बताया कि उसके विपक्षी प्रधान कृष्णपाल के घर पर किसान इरशाद रहता था तथा ग्राम प्रधान पद के चुनाव में कृष्णपाल का समर्थन कर रहा था। जो उसको पसंद नहीं था। इसी के चलते उसने किसान इरशाद की हत्या की।

  थाना प्रभारी रवेंद्र कुमार का कहना है कि आरोपित सुभाष ने तमंचे से किसान इरशाद को गोली मारी थी तथा तमंचा किरठल-रमाला मार्ग पर एक खेत में आरोपित धर्मेंद्र ने छिपाया था। आरोपित धर्मेंद्र ने घटना में प्रयुक्त तमंचा खेत से बरामद कराया है। बाद में दोनों आरोपितों को अदालत में पेश किया गया। उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में बागपत जेल भेजा गया है। केस के आरोपित सतेंद्र मुखिया को उत्तराखंड एसटीएफ ने गत आठ मार्च को हरिद्वार से गिरफ्तार किया था। उसको बी-वारंट पर लेकर पूछताछ कर कार्रवाई की जाएगी। 

 बता दें कि किरठल गांव के किसान इरशाद की 12 दिसंबर 2020 को चुनावी रंजिश में कुख्यात धर्मेंद्र किरठल ने अपने गिरोह के सदस्य सतेंद्र निवासी बागपत और सुभाष उर्फ छोटे निवासी कस्बा सिसौली (मुजफ्फरनगर) के साथ मिलकर हत्या की थी। नोएडा एसटीएफ ने आरोपित धर्मेंद्र व सुभाष उर्फ छेाटू को मंगलवार को देहरादून से गिरफ्तार किया था। 

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