बागपत में बीजेपी नेता की हत्या का खुलासा हुआ, मुज़फ्फरनगर के युवक ने की थी हत्या, सीसीटीवी में हुआ कैद 

 
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बागपत। दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री व छपरौली विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके डॉ. आत्माराम तोमर का हत्यारा आखिर उनका ही रिश्तेदार निकला। घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में हत्यारोपी रिश्तेदार अपने एक अन्य दोस्त के साथ कैद हो गया। हालांकि पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा नहीं किया है। लेकिन सूत्रों के अनुसार पुलिस ने हत्यारोपी को पकड़ लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस यह जानना चाहती है कि आखिर उसने भाजपा नेता की हत्या क्यों की।

बता दें कि डॉ. आत्माराम तोमर की बिजरौल रोड स्थित मकान में मुंह दबाकर हत्या कर दी गई थी। उनका शव शुक्रवार को सुबह घर के भीतर पड़ा मिला था। मृतक भाजपा नेता के पार्टी के बड़े-बड़े नेताओं से अच्छे संबंध थे। वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और अटल बिहारी वाजपेयी से मुलाकात के दौरान की कुछ तस्वीरें भी उनके घर से मिली हैं। 
बताया गया कि आरोपी उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी व मोबाइल के साथ दूसरी गाड़ी की चाबी भी ले गए। इस वारदात को उनकी गैस एजेंसी पर काम करने वाले रिश्तेदार ने दोस्त के साथ मिलकर अंजाम दिया। उनके बेटे की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। 
जनता वैदिक इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. आत्माराम तोमर (75 वर्ष) मूल रूप से ग्राम बिजरौल के निवासी थे। वे करीब 25 वर्ष से बड़ौत में बिजरौल रोड स्थित मकान में रहते थे। उनका एक बेटा अरविंद अमेरिका में इंजीनियर है।

डॉ. आत्माराम की पत्नी शकुंतला देवी भी बेटे के साथ अमेरिका में ही रहती हैं। वहीं दूसरे बेटे डॉ. प्रताप तोमर मेरठ में भोपाल नर्सिंग होम चलाते हैं। डॉ. आत्माराम तोमर घर में अकेले रहते थे। उनका चालक विजय निवासी लुहारी भी उनके मकान के सामने किराये पर कमरा लेकर रहता है। 
डॉ. प्रताप ने गुरुवार को कई बार अपने पिता आत्माराम को फोन किया लेकिन, फोन रिसीव नहीं हुआ। इस पर उन्होंने रात में करीब दस बजे चालक विजय को फोन करके पिता के बारे में जानकारी मांगी तो वह उनके आवास पर पहुंचा।
बताया गया कि विजय ने साथ में ही किराये पर रहने वाले तीन छात्रों की मदद से करीब 11 बजे कमरे का ताला तोड़ा तो डॉ. आत्माराम तोमर का शव बेड पर पड़ा था। उनके चेहरे पर तौलिया लिपटा था और कान से खून बह रहा था। चेहरे व हाथ पर चोट के निशान मिले। उनके कमरे से आई फोन, इनोवा कार की चाबी भी गायब थी। विजय ने इसकी जानकारी पुलिस और बेटे डॉ. प्रताप व भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष कुलप्रकाश को दी।
पुलिस ने सामने वाले मकान की सीसीटीवी फुटेज देखी। इससे पता चला कि गैस एजेंसी पर काम करने वाले रिश्तेदार मुजफ्फरनगर के सोंटा गांव निवासी प्रवीण ने अपने साथी सांकलपुट्ठी निवासी बलराम के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।

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