बागपत में 19 सितंबर को सियासी ताकत दिखाएगा रालोद

 
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मेरठ। पश्चिम उप्र की सियासी ताकत राष्ट्रीय लोकदल इस समय सियासी बियाबान में अपनी खोई ताकत पाने को बेताब है। पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह के निधन के बाद से उनके पुत्र रालोद मुखिया जयंत चौधरी के सामने फिर से सियासी करिश्मा दिखाने की चुनौती है। 19 सितंबर को बागपत के छपरौली में चौधरी अजित सिंह की श्रद्धांजलि सभा में रालोद अपनी राजनीतिक ताकत दिखाएगा।

बागपत जनपद के छपरौली स्थित विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में 19 सितंबर को पूर्व केंद्रीय मंत्री अजित सिंह की रस्म पगड़ी और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धांजलि सभा के जरिए रालोद नेतृत्व की मंशा अपनी सियासी दिखाने की है। इस कार्यक्रम में पश्चिम उप्र, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान आदि राज्यों से लोगों के आने का अनुमान है। 2022 के विधानसभा चुनावों को लेकर इस श्रद्धांजलि सभा को अहम माना जा रहा है। कार्यक्रम में रालोद मुखिया जयंत चौधरी को पगड़ी पहनाई जाएगी।

छपरौली रहा है रालोद का अभेद दुर्ग

छपरौली विधानसभा राष्ट्रीय लोकदल का अभेद दुर्ग है। 2017 में भाजपा की आंधी में भी रालोद प्रत्याशी छपरौली सीट से जीतने में कामयाब रहा। हालांकि रालोद विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए। इस सीट पर रालोद ने जिस भी नेता पर दांव लगाया, वह विधायक बनने में कामयाब रहा। श्रद्धांजलि सभा का आयोजन छपरौली में करने के पीछे यहां लोगों का भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करना और 2022 के चुनावों में गठबंधन में अधिक से अधिक सीटों का दावा पेश करना माना जा रहा है।

छह मई को हुआ था रालोद मुखिया का निधन

पश्चिम उप्र के कद्दावर नेता रहे चौधरी अजित सिंह का कोरोना के कारण छह मई 2021 को निधन हो गया था। कोरोना महामारी के कारण जयंत चौधरी ने भी लोगों को अपने स्थान पर रहकर ही शोक जताने की अपील की थी। कोरोना की लहर कम होते ही अब श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जा रहा है। इसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता जुटेंगे और अपने प्रिय दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

बारिश के कारण बदली आयोजन की तारीख

रालोद के राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि चौधरी साहब के प्रति अपनी शोक संवेदना जताने के लिए कार्यकर्ता श्रद्धांजलि सभा में आएंगे। इसके साथ ही सभी खाप चौधरी भी रस्म पगड़ी कार्यक्रम में शामिल होंगे। लोग दिल से चौधरी साहब से जुड़े थे। इसका अहसास कराने के लिए कार्यकर्ता आयोजन में जुटेंगे।

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