पढ़ाई से पहले बच्चों को स्कूल में लगानी पड़ती है झाड़ू,  वीडियो हुआ वायरल

 
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औरैया। परिषदीय स्कूलों में लाख कोशिशों के बावजूद व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। शासन स्तर से इन स्कूलों में व्यवस्थाएं सुधारने के नाम पर पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है, लेकिन स्थिति जस की तस है। कभी स्कूलों में बच्चाें से शौचालय साफ करवाया जाता है तो कभी झाड़ू लगवाई जाती है, तो कभी शिक्षिकाएं मोबाइल में व्यस्त रहती हैं। एक बार फिर सहार विकास खण्ड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मकापूर्वा का ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें काफी छोटे बच्चों से स्कूल में झाड़ू लगवाई जा रही है।

प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति सुधारने के लिए प्रदेश सरकार छात्रों को ड्रेस बैग और पुस्तक निशुल्क दे रही है। मगर शिक्षक छात्रों को पुस्तक की जगह सफाई कराने को झाडू़ थमा देते हैं। शिकायत पर अधिकारी लीपापोती करने में माहिर है। इसी कारण परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार नहीं आ पा रहा है। क्षेत्र की प्राइमरी पाठशालाओ में सफाई की स्थिति लगभग शून्य है। ताजा मामला विकास खंड सहार के गांव मकापूर्वा का है। जहां नौनिहाल सुबह सवेरे विद्यालय में किताब की जगह झाड़ू लगाते नजर आ रहे है।अब झाड़ू लगाने का वीडियो वायरल होने से हड़कंप मचा हुआ है। मामले को लेकर गांववासियों में आक्रोश है। ग्राम वासियों का आरोप है कि विद्यालय स्टाफ अपनी मनमानी करता है, प्रत्येक दिन बच्चों से ही झाड़ू लगवाते हैं।

पहले भी कई बार इसकी शिकायत अधिकारियों से की गई है, मगर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर उच्चाधिकारी उचित कार्रवाई करें। वही, ग्रामीणों ने बताया है कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक रत्नेश कुमार बिना विद्यालय आये सरकारी तनख्वा पा रहे है। शिक्षामित्र सतीश चंद्र बच्चों से जबरन झाड़ू लगाने को कहकर झाड़ू लगवाते है। वही, विद्यालय के अध्यापक कभी समय से विद्यालय नहीं पहुचते है व वायरल वीडियो के बाद से विद्यालय प्रबंधन में अफरा-तफरी का माहौल है।

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