बिजनौर: सीएमओ कार्यालय में आयुष्मान फाइल को लेकर भारी हंगामा, एसीएमओ से बदसलूकी और दबाव का आरोप
खुद को सीएम का करीबी बताने वाले शख्स ने डॉ. आरपी विश्वकर्मा से की तीखी नोकझोंक; सीसीटीवी फुटेज आया सामने, डीएम से की गई लिखित शिकायत
बिजनौर। जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब आयुष्मान योजना से जुड़ी एक अस्पताल की फाइल को पास कराने को लेकर एक व्यक्ति और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) के बीच तीखी झड़प हो गई। मामले में एसीएमओ ने एक कथित भाजपा नेता पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने और पद का धौंस दिखाकर अनुचित दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसके आधार पर प्रशासनिक जांच शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चांदपुर क्षेत्र के ग्राम फीना स्थित आशीर्वाद हॉस्पिटल की आयुष्मान योजना से संबंधित फाइल काफी समय से प्रक्रिया में है। इसी सिलसिले में चांदपुर निवासी मनोज कुमार नामक व्यक्ति, जो अपनी गाड़ी पर भाजपा का झंडा लगाकर चलते हैं, सीएमओ कार्यालय पहुंचे थे। एसीएमओ डॉ. आरपी विश्वकर्मा का आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने खुद को मुख्यमंत्री के ओएसडी का परिचित बताते हुए तत्काल फाइल पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया। जब डॉक्टर ने नियमों का हवाला देते हुए जांच के बाद ही कार्रवाई की बात कही, तो मामला गरमा गया।
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डॉ. आरपी विश्वकर्मा ने मीडिया को बताया कि उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि आयुष्मान की फाइल ऑनलाइन प्रक्रिया के अधीन है और डॉक्टर नताशा के स्तर पर उसकी जांच चल रही है। मानक पूरे होने पर ही फाइल आगे बढ़ाई जाएगी। आरोप है कि इस पर मनोज कुमार उत्तेजित हो गए और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि "हस्ताक्षर तो करने ही पड़ेंगे।" डॉ. विश्वकर्मा ने दो-टूक कहा कि किसी भी दबाव में आकर गलत कार्य नहीं किया जाएगा, केवल वही काम होगा जो कानूनन सही है।
डीएम से शिकायत, सीसीटीवी फुटेज ने बढ़ाई मुश्किलें
घटना के तुरंत बाद आहत एसीएमओ ने जिलाधिकारी (डीएम) को पूरे प्रकरण की लिखित जानकारी दी और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी बहस रिकॉर्ड हो गई है, जिसे साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत किया गया है। दूसरी ओर, जिला प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्यालय में अभद्रता और दबाव की संस्कृति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना के बाद से सीएमओ कार्यालय के कर्मचारी संगठन भी एसीएमओ के समर्थन में उतर आए हैं और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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