निर्माणाधीन एमएनसीयू वार्ड का सीडीओ ने किया निरीक्षण

 
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बुलंदशहर। जिला कस्तूरबा महिला अस्पताल में (CEL) कम्युनिटी एम्पावरमेंट लैब (सीईएल) के वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग से मदर न्यू बोर्न केयर यूनिट (एमएनसीयू) वार्ड का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माणाधीन एमएनसीयू वार्ड का गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिषेक पांडे ने, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डा. ज्योत्सना कुमारी, आईएएस अधिकारी सहित सुश्री निशा अनंत (IAS) के साथ गुरुवार को निर्माणाधीन एमएनसीयू वार्ड का साथ वार्ड में जाकर निरीक्षण किया। जहां पर सीडीओ अभिषेक पांडे ने सीईएल की टीम से वार्ड के बारे में बारीकी से जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए हैं। निर्माणधीन एमएनसीयूवार्ड में कम वजन के नवजात शिशु को उसकी माताओं के साथ भर्ती किया जाएगा,। जिसमें माता की विशेष देख-रेख में नवजात शिशु का सहित माता की विशेष देख-रेख में उपचार दिया किया जाएगा। जनपद में एमएनसीयू वार्ड का निर्माण होने से मातृ -शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी। जहां परऔर कम वजन के वाले बच्चे रहकर अपनाने शारीरिक विकास कर सकेंगे। 

जिला कस्तूरबा महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. ज्योत्सना कुमारी ने बताया महिला अस्पताल में (एम.एन.सी.यू.) मदर न्यू बोर्न केयर यूनिट का निर्माण हो रहा है। अस्पताल में (CEL) कम्युनिटी एम्पावरमेंट लैब के वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग से 20 बेड की यूनिट का निर्माण कार्य चल रहा हैबनेगी। गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिषेक पांडे, सुश्री निशा अनंत (IAS) ने निर्माणाधीन एमएनसीयू का निरीक्षण किया। जहां पर उन्होंने सीईएल के कर्मचारियों से  वार्ड के बारे में जानकारी लेते हुए जल्दी निर्माण की कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि जनपद में प्रदेश का पहला एमएनसीयू वार्ड का मॉडल तैयार किया जा रहा है। इसी के आधार में पर प्रदेश समेत के कई जनपदों में मदर न्यू बोर्न केयर यूनिट (एमएनसीयू) वार्ड बनाए जाएंगे।

जनपद के जिला कस्तूरबा महिला अस्पताल में 20 बेड का मदर न्यू बोर्न केयर यूनिट (एमएनसीयू) वार्ड एक विशेष प्रकार की इकाई है जो कि कंगारू केयर से प्रेरित है। जिस प्रकार कंगारू अपने शरीर में प्राकृतिक रूप से बनी थैली में नवजात को सीने से लगाए घूमती मता है उसी प्रकार माता अपने उन नवजातों को जिनका जन्म समय पूर्व हो जाता है या जो नवजात जन्म के समय कम वजन के होते हैं को एक विशेष कक्ष में अपने सीने से लगाकर रखेगी, , जिनका जन्म समय पूर्व हो जाता है या जो जन्म के समय कम वजन के होते हैं ती है। एमएनसीयू वार्ड में शिशु मां के सीने पर केएमसी देते हुएसाथ रहते हुए कंगारू केयर के साथ सभी ट्रीटमेंट प्राप्त करेंगे, ताकि उनके शरीर का तापमान सामान्य रहे, इंफेक्शन कम हो, स्तनपान होजारी रहे, मां और शिशु के बीच बॉन्डिंग बनें और उनकी जान बच सके। यहां माँ एवं नवजात दोनों को एक साथ बेहतर चिकित्सा देने की सुविधा दी जाएगी। इसके अतिरिक्त यूनिट में प्रसव के बाद मां और शिशु को एक साथ रखने की व्यवस्था है। जिसमें मां अपने बच्चों को सीने पर लेटाकर केएमसी दे सकती हैं। ताकि उनके शरीर का तापमान सामान्य रहे। मदर न्यू बोर्न केयर यूनिट एमएनसीयू वार्ड का निर्माण होने से मातृ शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी। जनपद में यह बाढ़ एक मॉडल के रूप में तैयार किया जा रहा है, निर्माण संस्था दिन रात लगकर मदर न्यू बोर्न केयर यूनिट  को बनाने में जुटी है। अधिकारियों की मानें तो के अनुसार इस वार्ड का शुभारंभ नवम्बर के अंतिम व दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में होने की संभावना है। इस मौके परनिरीक्षण के दौरान डॉ राकेश शर्मा (बाल रोग विशेषज्ञ), डॉ राजेन्द्र कुमार (महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ), नर्स मेंटर रश्मि पांडेय, भूपेंद्र शर्मा (चीफ फार्माशिस्ट), मनोज शर्मा, हिमांशु, DMCH कंसल्टेंट, श्रुति कीर्ति, सहित मोहम्मद तफ़्सीर डेटा इंट्री ऑपरेटर सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

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