यूपी में गर्भवती के इलाज के लिये हर जिले में एक अस्पताल बनाने का फैसला 

 
यूपी में गर्भवती के इलाज के लिये हर जिले में एक अस्पताल बनाने का फैसला

लखनऊ -कोरोना वायरस की तीखी दूसरी लहर की वजह से गर्भवती महिलाओं के इलाज को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के हर जिले में एक अस्पताल आरक्षित करने का फैसला किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 102 एंबुलेंस को भी उपलब्ध भी गर्भवती महिलाओं के लिए सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
गौरलतब है कि कोरोना वायरस की वजह से इस समय उत्तर प्रदेश में जिला अस्पताल कोविड अस्पताल में बदल गए हैं। सरकार की तरफ से डॉक्टरों की ड्यूटी कोरोना मरीजों के इलाज में लगा दी है। ऐसे में अब अस्पतालों में दूसरी बीमारी से पीड़ित मरीजों का इलाज करने दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जिसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने नान कोविड मरीजों का घर बैठे ही इलाज हो सके, इसके लिए ई संजीवनी ओपीडी ऐप के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने की सुविधा शुरू की।
इसके लिए सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश के पांच चिकित्सा विश्वविद्यालयों और 18 मंडल स्तरीय जिला चिकित्सालयों में टेली मेडिसिन हब स्थापित किए जा रहे हैं, जिसमें से 19 हब क्रियाशील हो चुके हैं। यहां केजीएमयू के विशेषज्ञ चिकित्सक सोमवार से शनिवार तक सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक इस ऐप के जरिए मरीजों के इलाज के संबंध में परामर्श दे रहे हैं। केजीएमयू के मेडिसिन, रेस्पिरेटरी मेडिसिन, स्त्री एवं प्रसूति रोग, हृदय रोग, सर्जरी, मनोचिकित्सक, त्वचा रोग, हड्डी एवं जोड़ रोग, नेत्र रोग, कान नाक एवं गला रोग और दंत रोग सहित अन्य विशेषज्ञों के जरिए मरीजों को उनके इलाज के संबंध में परामर्श दिया जा रहा है।
इस व्यवस्था के तहत ही गर्भवती महिलाओं को भी परामर्श दिया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने गर्भवती महिलाओं के इलाज और महिलाओं के प्रसव को लेकर हर जिले में एक अस्पताल आवंटित करने का फैसला लिया ताकि गर्भवती महिलाओं को तनाव मुक्त किया जा सके। इसके साथ ही गर्भवती महिला को किसी भी समय यदि इमरजेंसी चिकित्सा की जरूरत हो तो उसके लिए 102 एंबुलेंस को भी उनके पास पहुंचने की व्यवस्था कर दी गई है।

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