सरकारी धन का बंदरबांट कर करोड़ों की हेराफेरी मामले में जिला प्रबंधक को जेल

 
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रायबरेली। सरकारी धन की बंदर बांट कर करोड़ों की हेराफेरी करने वाले यूपी एग्रो के जिला प्रबंधक को गुरुवार को जेल भेज दिया गया है। जिला जज ने आरोपित को 2013 में सुनाए गए फैसले को बरक़रार रखते हुए सात साल की सजा सुनाई है।

दरअसल, 15 साल पहले 2016 में रायबरेली जिले में 107 बारातघरों के निर्माण के लिए 7.47 करोड़ का बजट अवमुक्त किया गया था। जिसके निर्माण का जिम्मा ग्राम्य विकास विभाग ने यूपी एग्रो को सौंपा था। उस समय यूपी के तत्कालीन जिला प्रबंधक अशोक कुमार श्रीवास्तव थे, जिनके ऊपर बारातघरों के निर्माण में भारी अनियमितता बरतने का आरोप लगा था।

इस मामले में कई शिकायतें आने पर ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक प्रेम प्रकाश त्रिपाठी ने 2008 में गबन व जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने की और 26 जून 2013 को जिला प्रबंधक को दोषी पाया। प्रबंधक को सात साल की सजा और 10 हजार का अर्थ दंड लगाया गया था, हालांकि मामले में जिला प्रबंधक को कुछ दिन बाद जमानत मिल गई थी। आठ साल बाद गुरुवार को जिला जज अब्दुल शाहिद ने मामले की सुनवाई करते हुए पुराने फ़ैसले को बरकरार रखा और उन्हें जेल भेज दिया। मामले में जिला प्रबंधक को गंभीर आरोपों का दोषी पाया गया है।

उल्लेखनीय है कि बारातघरों के निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई थी और कई फर्जी खाते खोलकर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया था। जांच में जिला प्रबंधक पर क़रीब 1.62 करोड़ का फर्जीवाड़ा करने की बात सामने आई थी।

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