मनरेगा कार्यों में लापरवाही पर उपायुक्त से मांगा गया स्पष्टीकरण, बीडीओ का रोका वेतन
मीरजापुर। श्रम-रोजगार उपायुक्त व खंड विकास अधिकारी को मनरेगा कार्य में लापरवाही करना भारी पड़ गया। उच्चाधिकारियों के आदेशों व जनप्रतिनिधियों की मांग की अवहेलना और विभागीय कार्यों के प्रति लापरवाही पर मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस ने उपायुक्त (श्रम-रोजगार) को कारण बताओ नोटिस जारी किया और खंड विकास अधिकारी पहाड़ी का जून माह का […]
मीरजापुर। श्रम-रोजगार उपायुक्त व खंड विकास अधिकारी को मनरेगा कार्य में लापरवाही करना भारी पड़ गया। उच्चाधिकारियों के आदेशों व जनप्रतिनिधियों की मांग की अवहेलना और विभागीय कार्यों के प्रति लापरवाही पर मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस ने उपायुक्त (श्रम-रोजगार) को कारण बताओ नोटिस जारी किया और खंड विकास अधिकारी पहाड़ी का जून माह का वेतन अवरूद्ध कर दिया। साथ ही एक सप्ताह के अंदर कार्य प्रारम्भ न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
दरअसल, गत 19 जून को ब्लाक प्रमुख व खंड विकास अधिकारियों के साथ हुई बैठक में संज्ञान में आया था कि गत दो वर्षों से पहाड़ी ब्लाक में मनरेगा क्षेत्र पंचायत से कुल 41 कार्यों की कार्ययोजना बनाई गई है। इसमें 21 कार्यों का प्राक्कलन भी गठित किया जा चुका है, किंतु अभी तक टीएस नहीं किया गया है तथा प्राक्कलन के अनुसार कोई कार्य प्रारम्भ नहीं हुआ है। इस प्रकरण पर मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस ने उपायुक्त (श्रम-रोजगार) एवं खंड विकास अधिकारी पहाड़ी को एक सप्ताह के अंदर कार्य प्रारंभ कराने का निर्देश दिया था।
गत 22 जून को दिशा बैठक, उप मुख्यमंत्री एवं प्रमुखों की सम्मेलन में भी ब्लाक प्रमुख पहाड़ी ने शिकायत की थी। इसके बावजूद कार्य प्रारंभ नहीं किया गया। यह उच्चाधिकारियों के आदेशों व जनप्रतिनिधियों के मांग की अवहेलना है और विभागीय कार्यों के प्रति लापरवाही है। मामले को मुख्य विकास अधिकारी ने गंभीरता से लिया और विभागीय कार्रवाई की। कार्य प्रारम्भ न होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
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