पिलखुवा में बैठकर बनाई जा रही थी दिल्ली,पंजाब और हरियाणा विवि की फर्जी डिग्री

 
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हापुड। एमफिल पास युवक पिलखुवा में बैठकर 10 हजार रुपये में पोस्टग्रेजुएट और 20 हजार रुपये में पीएचडी करवा रहा था। युवक छात्रों को उनकी मनमाफिक स्नातक, परास्नातक और पीएचडी की डिग्री दिलवा रहा था। इतना ही नहीं 50 हजार में बीटेक और 60 हजार रुपये में एमटेक की डिग्री मनमाफिक यूनिवर्सिटी और संस्थान की दे रहा था। थाना पिलखुवा पुलिस और साइबर सेल की टीम ने युवक को पकड़कर पूरे गिरोह का खुलासा का दिया। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए सदस्यों ने बताया कि उनका नेटवर्क दिल्ली, यूपी, पंजाब व हरियाणा के अलावा अन्य राज्यों में फैला हुआ है। आरोपितों की गिरफ्तारी सुबह पिलखुवा थानांतर्गत मोनार्ड विश्वविद्यालय के निकट से हुई है। इन नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्याें की भी तलाश कर रही हैं।
गिरोह की एक भूल से युवती के जरिए पकड़ा गैंग 
एसपी दीपक भूकर ने बताया कि निशा तिवारी नामक युवती जो कि जौनपुर की रहने वाली है। उसको दोनों आरोपितों ने वर्ष 2018-2019 में मोनार्ड विश्वविद्यालय से जारी किया गया फर्जी कंप्यूटर डिप्लोमा बनाकर दिया था। लेकिन, दोनों को यह नहीं पता था कि कंप्यूटर डिप्लोमा इस विश्वविद्यालय द्वारा जारी ही नहीं किया जाता है।
आरोपियों ने युवती को भरोसा दिलाने के लिए विश्वविद्यालय के नाम से बनाई गई फर्जी वेबसाइट पर डिप्लोमा का एनरोलमेंट नंबर अपलोड कर दिया। निशा ने एक सरकारी नौकरी के लिए आवेदन किया था। भर्ती प्रक्रिया के दौरान उसे डिप्लोमा फर्जी होने की जानकारी हुई। पीड़िता ने विश्वविद्यालय में पहुंचकर अधिकारियों से बातचीत की। जिससे हरकत में आए विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने पिलखुवा थाने में 14 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद से थाना पुलिस के साथ साइबर सेल की टीम गिरोह के सदस्यों की तलाश कर रही थी।

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