श्मशान घाट हादसे में मारे गए 25 लोगों के आश्रितों को आज तक नहीं मिली नौकरी, नाराज पीड़ितों का डीएम कार्यालय पर हंगामा

 
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गाजियाबाद। मुरादनगर के गांव उखलारसी में स्थित एक श्मशान घाट में हुए दर्दनाक हादसे के शिकार हुए 25 लोगों के आश्रितों को 11 महीने बीतने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। जिससे नाराज पीड़ित परिवारों के अलावा बड़ी संख्या में गांव के लोग आज गाजियाबाद के जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां पर उन्होंने जमकर नारेबाजी की और हंगामा किया। जिलाधिकारी के माध्यम से उन्होंने पीएम से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि इस पूरे मामले के दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए और शासन के द्वारा परिजनों को नौकरी दिए जाने का जो भरोसा दिया था। वह 11 महीने बाद भी पूरा नहीं हुआ है।यानी मृतकों के आश्रितों को नौकरी नहीं मिल पाई है।इतना ही नहीं आरोप है।कि यह परिवार भुखमरी की कगार पर आ चुके हैं। क्योंकि जिन लोगों की जान गई थी। उसने ज्यादातर परिवार के मुखिया थे।
श्मशान घाट हादसे में 25 लोगों की गई थी जान
गत 3 जनवरी 2021 को मुरादनगर के उखलारसी गांव में स्थित एक श्मशान घाट पर इलाके के दर्जनों लोग पास के ही गांव में रहने वाले एक बुजुर्ग के शव का अंतिम संस्कार करने पहुंचे थे। अंतिम संस्कार के दौरान अचानक की बारिश आई तो सभी लोग वहां निर्माणाधीन एक बरामदे के अंदर खड़े हो गए।अचानक ही निर्माणाधीन बरामदा भरभरा कर नीचे आ गिरा। इस दौरान दर्जनों लोग मलबे में दब गए। हालांकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए और 25 लोगों की जान चली गई थी। जिसके बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया और इसकी गूंज लखनऊ तक जा पहुंची। लोगों का गुस्सा देखते हुए आनन-फानन में सरकार के द्वारा सभी मृतकों के आश्रितों को 10 लाख रुपए, आवास और योग्यता के आधार पर एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने का आश्वासन दिया।वहीं आनन-फानन में इस पूरे मामले में नगर पालिका की ई ओ निहारिका चौहान ,ठेकेदार और सुपरवाइजर के अलावा कई लोग जेल भेजे गए और इसकी जांच एसआईटी को सौंपी गई। हालांकि कुछ समय बाद नगर पालिका की ई ओ निहारिका चौहान को जमानत मिल गई और कुछ समय बाद अन्य लोगों को भी जमानत मिल गई। अब सभी आरोपी बाहर हैं।
दोषियों को सजा और आश्रितों को जल्द नौकरी देने की मांग।
जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचे इन पीड़ितों का आरोप है। कि 11 महीने बीतने के बाद भी अभी तक पीड़ित परिवार के सदस्यों को नौकरी नहीं मिल पाई है। वहीं दूसरी तरफ सभी आरोपी जेल से बाहर जमानत पर घूम रहे हैं।इससे लगता है। कि पूरी जांच फाइलों में दबकर रह गई है। इसलिए पीड़ित लोगों ने गाजियाबाद के जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित लोगों की मांग है। कि इस पूरे मामले में जितने भी दोषी लोग हैं। सभी को जल्द से जल्द सजा दी जाए और सरकार के वादे के मुताबिक पीड़ित परिवारों के सदस्यों को जल्द से जल्द नौकरी दी जाए। पीड़ितों का कहना है कि तमाम परिवार ऐसे हैं। इस दर्दनाक हादसे में जिनके मुखिया की जान चली गई और उनके घर में कमाने वाला भी कोई नहीं है। अब बड़ी जिम्मेदारी महिलाओं के ऊपर आ गई है और उन्हें अपना परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।

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