बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है विजय दशमी

 
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गाजियाबाद। विश्व ब्राह्मण संघ के तत्वावधान में हनुमान मंगलमय परिवार ने आज दशहरा पूजन कर संदेश दिया कि विजयदशमी का पर्व असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। मान्यता है इस दिन भगवान राम की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। और जीवन में सकारात्मकता का प्रसार होता है। यह पर्व हमें दस प्रकार के पापों काम, क्रोध, मोह, मद, अहंकार, हिंसा और चोरी से बचने का संदेश देता है।
बीके शर्मा हनुमान ने बताया कि दशहरा हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को इसका आयोजन होता है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था तथा देवी दुर्गा ने नौ रात्रि एवं दस दिन के युद्ध के उपरान्त महिषासुर पर विजय प्राप्त की थी। इसे असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। दशहरा अंहकारी रावण के पतन की कहानी कहता है, जिसको युद्ध में मारने के बाद भगवान राम ने माता सीता को उसकी कैद से मुक्त करवाया। वहीं इस दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार भी किया था इसलिए भी इसे विजयदशमी के रुप में मनाया जाता है। माना जाता है कि भगवान श्री राम ने भी मां दूर्गा की पूजा कर शक्ति का आह्वान किया था, इसके पश्चात दशमी के दिन प्रभु श्री राम ने रावण का वध किया। भगवान राम की रावण पर और माता दुर्गा की महिषासुर पर जीत के इस त्यौहार को बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय के रुप में देशभर में मनाया जाता है।

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