बीजेपी ने नड्डा को पूर्वांचल का प्रभारी बनाया, नड्डा ने बूथ जिताने का जिम्मा भाजपा पदाधिकारियों को सौंपा

 
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गोरखपुर,- उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा सोमवार को पार्टी के बूथ सम्मेलन में पार्टी पदाधिकारियों को अपना बूथ जिताने का लक्ष्य तय करके चुनावी समर में कूदने का मंत्र दिया। उल्लेखनीय है कि नड्डा को भाजपा नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिये पूर्वांचल क्षेत्र का प्रभारी बनाया  है।

वह पूर्वांचल क्षेत्र में भाजपा के चुनावी प्रबंधन की रणनीति तय करने के लिये यहां आयोजित बूथ सम्मेलन में पार्टी पदाधिकारियों को चुनाव संबधी दायित्वों से अवगत कराते हुये केन्द्र और राज्य सरकार के कामों से बूथ स्तर तक लोगों को अवगत कराने के लिये कहा। सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के अलावा केन्द्र और राज्य सरकार के तमाम मंत्री मौजूद थे।

स्थानीय चम्पादेवी पार्क में गोरखपुर, बस्ती तथा आजमगढ मंडल के 10 जिलों के 27 हजार से अधिक बूथ अध्यक्षों, 500 से अधिक मंडल प्रभारी और मंडल अध्यक्षों, 62 विधानसभा प्रभारियों, 12 जिला अध्यक्षों और इतने ही जिला प्रभारियों के साथ होने वाली बैठक में सभी पदाधिकारियों को चुनाव से जुड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गयीं।
नड्डा ने विधान सभा चुनाव 2022 का शंखनाद करते हुए कहा कि हम वोट बैंक की राजनीति नहीं करते हैं बल्कि सभी को साथ लेकर चलते हैं। उन्होंने कहा, “केन्द्र की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सभी के विकास के लिए काम किया है। नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश को वरीयता दी इसीलिये योगी ने विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

कृषि क्षेत्र के लिये भाजपा सरकारों के योगदान का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि 2014 से पहले 20 हजार करोड़ रुपये का कृषि बजट होता था मगर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज यह बजट एक लाख 23 हजार करोड़ रुपये का है।

भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर आधारित पार्टी है। पार्टी के अन्दर लोकतंत्र है इसलिए मेरे जैसा साधारण कार्यकर्ता भी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि उन्हें गर्व होना चाहिए कि वे भाजपा के सदस्य हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव जिन्नावादी और राष्ट्रवादी के बीच होगा। यूपी का विधानसभा का चुनाव देश और दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बिंदु बन रहा है। उन्होंने कहा कि इसका कारण साफ है कि एक ओर भारत की आन, बान और शान की रक्षा करने वाले प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा हैं तो दूसरी ओर आतंक का समर्थन करने वाले खड़े दिखाई दे रहे।

उन्होंने कहा कि जो लोग कोरोना महामारी में जनता की सुधि नहीं ले रहे थे वही अब सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इस दौरान उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दिया हुआ मंत्र कार्यकर्ताओं को देते हुए कहा कि “बूथ जीता तो चुनाव जीता।”

इसके बाद नड्डा ने गोरखपुर जिले के चरगावां ब्लॉक के रामगढ़ ऊर्फ रजही तेजू नर्सरी में पार्टी कार्यकर्ता बलराम राजभर के घर गये और वहां वनटांगिया समुदाय के एक हजार लोगों से संवाद भी किया।

इसके पूर्व भाजपा अध्यक्ष गोरखनाथ मंदिर में पूजा अर्चना कर गीता प्रेस भी गये। सम्मेलन में भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह, पार्टी के महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल, राज्य के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या, वन मंत्री दारा सिंह चौहान और स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह सहित अन्य मंत्री एवं पार्टी पदाधिकारी शामिल थे। ज्ञात हो कि गोरखपुर क्षेत्र के 62 विधानसभा सीटों का चुनाव प्रभारी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को बनाया गया है। भाजपा का 62 में से 55 सीटों पर जीत का लक्ष्य तय किया है। मौजूदा विधानसभा में गोरखपुर क्षेत्र की 62 सीटों में 43 पर भाजपा और 2 पर सहयोगी दलों ने जीत हासिल की थी। पूर्वांचल में भाजपा और सहयोगी दलों को साल 2017 में 164 सीटों में 115 सीटों पर जीत हासिल हुई थी।

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