मुख्यमंत्री योगी ने गुरु पूर्णिमा पर प्रदेशवासियों को दी बधाई एवं शुभकामना
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु पूर्णिमा पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि यह पर्व हमें सद्मार्ग पर ले जाने वाले महापुरुषों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता अर्पित करने की प्रेरणा देता है। इस पूर्णिमा की तिथि पर ही महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। इसलिए […]
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु पूर्णिमा पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि यह पर्व हमें सद्मार्ग पर ले जाने वाले महापुरुषों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता अर्पित करने की प्रेरणा देता है। इस पूर्णिमा की तिथि पर ही महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। इसलिए व्यास पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा भी कहा जाता है।
अपने जारी शुभकामना सन्देश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरु-पूजन का पर्व है। सनातन संस्कृति में ज्ञान प्राप्ति के लिए गुरु-शिष्य की सुदीर्घ परम्परा है। बिना गुरु के ज्ञान प्राप्त करना सम्भव नहीं है। गुरु के आशीर्वाद से सभी सिद्धियां प्राप्त की जा सकती हैं। उन्होंने कहा है कि हमारी संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च स्थान प्रदान किया गया है। गुरु को ब्रह्मा, विष्णु, महेश के समान बताया गया है। गुरु ही शिष्य का रचनाकार है, इसलिए वह ब्रह्मा है। गुरु, शिष्य की रक्षा करता है, इसलिए वह विष्णु है। गुरु, शिष्य के सभी दोषों का संहार करता है, इसलिए वह साक्षात शिव है। हमें गुरु-पूजन पूरी आस्था और श्रद्धाभाव से करना चाहिए। इससे इन सभी देवताओं का आशीर्वाद मिलता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीवन में गुरु के महत्व से भावी पीढ़ी को परिचित कराने के लिए यह पर्व आदर्श है। गुरु-पूजन का यह पर्व हमें सद्मार्ग पर ले जाने वाले उन महापुरुषों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता अर्पित करने की प्रेरणा देता है, जिन्होंने अपने ज्ञान, त्याग और तपस्या से समाज, राष्ट्र और विश्व को नई राह दिखाई।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां