रानी के पास होते आधुनिक हथियार तो होता देश का इतिहास कुछ और: मोदी

 
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झांसी - आजादी की प्रथमदीपशिखा वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की 193वीं जयंती के अवसर पर यहां आये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपस्थित जनसमुदाय से तादम्य स्थापित करते और भावनात्मक कार्ड खेलते हुए कहा कि अगर रानी के पास युद्ध में अंग्रेजों के समान संसाधन और आधुनिक हथियार होते तो आज देश का इतिहास कुछ और ही होता।

यहां किले की तलहटी में बने विशाल मंच से बुंदेलखंड की धरती पर गरजते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों की गलत नीतियों के कारण सूखाग्रस्त और बदहाल हुए बुंदेलखंड की संभावनाओं को जीवित करने का अब प्रयास किया जा रहा है। महोबा में पानी की समस्या को दूर करने और विभिन्न विकास योजनाओं की आज शुरूआत की गयी है। झांसी का यह ऐतिहासिक किला इस बात का जीता जागता उदाहरण है कि देश ने कोई लड़ाई शौर्य या वीरता की कमी के कारण नहीं हारी।

रानी के पास यदि उस समय आधुनिक हथियार और अंग्रेजों के समान संसाधन होते तो देश का इतिहास आज कुछ और ही होता। आजादी के लिए 1857 में हुए प्रथम स्वतन्त्रता समर में विदेशी हुकूमत को हिलाने वाली महारानी लक्ष्मीबाई जी की शौर्य गाथा को हर भारतवासी बड़ी श्रद्धा व सम्मान के साथ स्मरण करता है। रानी लक्ष्मीबाई जी ने विदेशी हुकूमत को चुनौती देते हुए कहा था ‘‘मैं अपनी झांसी हरगिज नहीं दूंगी’’, यह आज भी हम सबको माता व मातृभूमि के प्रति एक नया समर्पण भाव व्यक्त करने के लिए प्रेरित करता है।

उन्होंने कहा “ मुझ पर मां भारती का असीम आर्शीवाद है और मुझे झांसी का अनंत प्रेम हर बार मिला है । मेरा सौभाग्य है कि मुझे रानी की जन्मभूमि काशी की सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ है इसलिए मेरा झांसी से विशेष लगाव है। आज देव दीपावली के अवसर पर काशी में था और आज झांसी में हूं। झांसी की धरती से काशी को देव दीपावली, गुरूनानक जयंती,कार्तिक पूर्णिमा की बधाई।

बुंदेलखंड से पलायन और बदहाली के टैग को हटाने और विकास के पथ पर आगे बढ़ाने में इस क्षेत्र में बनाया जा रहा डिफेंस कॉरिडोर बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। अब बुंदेलखंड में उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर इस अभियान में सारथी की भूमिका निभाने जा रहा है। जो बुंदेलखंड कभी भारत के शौर्य और साहस के लिए जाना जाता था, उसकी पहचान अब भारत के सार्मथ्य के प्रमुख केंद्र के रूप मे होगी। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे इस क्षेत्र के विकास का एक्सप्रेस बनेगा। यहां मिसाइल तकनीक से जुड़ी एक कंपनी का शिलांयास आज हुआ है अभी ऐसी ही कई कंपनियां आयेंगी। डिफेंस कॉरिडोर और बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे बुंदेलखंड के विकास का इंजन बनेंगे।

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