युवती के चरित्र हनन में जमाली योगी से चाहते थे मदद, मैंने नहीं की, इसलिए पार्टी छोड़ दी -बसपा 

 
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लखनऊ -बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने पार्टी विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली के इस्तीफे की वजह साफ करते हुये कहा है कि चरित्र हनन के आरोप में घिरे जमाली ने पार्टी से मदद की अपील की थी जिसे ठुकराने पर उन्होने इस्तीफा दिया है।

बसपा सुप्रीमों के हवाले से  गुरूवार शाम एक विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि “ जमाली की कंपनी में कार्यरत एक लड़की ने इनके चरित्र पर गंभीर आरोप लगाते हुये इनके विरूद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज करायी थी जिसकी जांच अभी चल रही है। इस घटना के बाद वह मुझ पर मुख्यमंत्री से कह कर इस घटना को रफा दफा करने का दवाब डाल रहे थे। मैने इनको यही कहा था कि यह लड़की का प्रकरण है,बेहतर तो यही होगा कि यदि विवेचना में आपको न्याय नहीं मिलता है तो आप फिर कोर्ट जायें लेकिन ऐसा न करके मुझ पर ही इस केस को खत्म करने का दवाब बना रहे थे।”

साथ ही इन्होने यह कहा कि यदि इस मामले में आपने मेरी कोई मदद नहीं की तो फिर मै पार्टी व पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दूंगा। ऐसा लगता है कि इसी परिपेक्ष्य में इन्होने आज यह सब कुछ किया है।

गौरतलब है कि बसपा के विधायक दल के नेता और आजमगढ़ की मुबारकपुर सीट से विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने आज पार्टी की प्राथमिक सदस्यता सहित सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। पार्टी अध्यक्ष मायावती को गुरुवार को दिये इस्तीफे में आपसी अविश्वास को पार्टी छोड़ने की मुख्य वजह बताया है। सूत्रों के अनुसार जमाली जल्द ही समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम सकते हैं। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जमाली का पार्टी छोड़ना, बसपा के लिये करारा झटका माना जा रहा है। जमाली ने बसपा के टिकट पर मुबारकपुर सीट से 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी।

जमाली ने कहा कि पार्टी ने उन्हें दो विधानसभा चुनाव और 2014 के लोकसभा चुनाव में टिकट देकर उन पर भरोसा जताया था, लेकिन पिछली बैठक के बाद उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि पार्टी प्रमुख की उनके प्रति विश्वास में खासी कमी आयी है। इससे आहत होने को मुख्य वजह बताते हुये जमाली ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने की बात कही है।

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