कानपुर देहातः एक तस्वीर ने मुख्तार अंसारी के व्हीलचेयर के झूठ की खोल दी पोल 

 

कानपुर देहात। माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के झूठ का एक सबूत सामने आया है। एक तस्वीर जो मुख्तार के झूठ का पर्दा फास कर रही है। व्हील चेयर पर चलने वाले माफिया डॉन की रोपड़ से बांदा ले जाते वक्त की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें बिना किसी सहारे के वह चलता नजर आ रहा है। 

मुख्तार अंसारी को आखिर कार उत्तर प्रदेश सरकार अपनी कस्टडी में ले ही आई। छह अप्रैल को उप्र० पुलिस माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को पंजाब की रोपड़ जेल से उत्तर प्रदेश की बांदा जेल लाने के लिए निकली थी। पुलिस ने मुख्तार को अपनी कस्टडी में लिया और बांदा के लिए निकल पड़ी 14 घण्टे के रास्ते में पुलिस ने कुछ जगह चार से पांच मिनट वाला आराम किया। देर रात जब मुख्तार का काफिला कानपुर देहात के सट्टी थाने पहुंचा तो वो अचानक रुक गया।

साथ में मौजूद पत्रकारों को रोक दिया गया और मुख्तार की एंबुलेंस को थाने के अंदर कर दिया गया। यहां मीडिया कर्मी मुख्तार की गायब एंबुलेंस को लेकर पुलिस से सवाल करते रहे। वहीं कुछ देर बाद एम्बुलेंस थाने से बाहर निकली और आंगे बढ़ गई। उस दौरान मीडिया कर्मियों को बताया गया कि मुख्तार शौचायल के लिए गया था जिसके चलते थाने में गाड़ी को ले जाया गया था। इस दौरान मीडिया के कैमरे से वो तस्वीर रह गई जो दो दिन बाद सामने आई। 

दरअसल, जब मुख्तार को सट्टी थाने में ले जाया गया था तब वो जब एंबुलेंस से बाथरूम के लिए गया तब उसकी किसी का न सहारा लिया और न ही व्हीलचेयर का सहारा लिया। इस दौरान सट्टी थानाध्यक्ष भी उनके साथ मौजूद थे। इस तस्वीर ने माफिया डॉन के कई सारे झूट का पर्दाफाश कर दिया। 

मुख्तार ने डर के चलते बोला था झूठ 

मुख्तार को जब पता चला कि उसे अब उत्तर प्रदेश की जेल ले जाया जायेगा। उसके बाद से ही उसको डर सताने लगा था। उसे डर सता रहा था कि कहीं विकास दुबे की तरह उसके साथ भी कोई अनहोनी न हो जाये। जिसके चलते वो खुद को बीमार बताने लगा था और मोहाली कोर्ट में व्हील चेयर से आने लगा था। वहीं, सूत्रों की माने तो जब उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुख्तार को अपनी कस्टडी में लिया था तब भी वो व्हीलचेयर पर ही था। सट्टी थाने की इस तस्वीर ने माफिया डॉन के चाल बाजी को सबके सामने लाकर खड़ा कर दिया है। 

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