पूर्वी उप्र में भारी बारिश की संभावना, सामान्य से नीचे पहुंचा तापमान
कानपुर। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मानसूनी गतिविधियां लगातार जारी हैं। इससे कानपुर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश में आगामी तीन से चार दिन भारी बारिश की संभावना है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी हल्की बारिश के आसार बने हुए हैं। लगातार हो रही रही बारिश से अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे पहुंच […]
कानपुर। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मानसूनी गतिविधियां लगातार जारी हैं। इससे कानपुर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश में आगामी तीन से चार दिन भारी बारिश की संभावना है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी हल्की बारिश के आसार बने हुए हैं। लगातार हो रही रही बारिश से अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है।
चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पाण्डेय ने रविवार को बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। पश्चिम उत्तर प्रदेश पर बने चक्रवाती परिसंचरण से एक ट्रफ रेखा पूर्वी राजस्थान और गुजरात से होते हुए उत्तर पूर्व अरब सागर तक फैली हुई है। एक पूर्व-पश्चिम जिम में दबाव की रेखा उत्तर पश्चिम राजस्थान से लेकर मणिपुर तक, दक्षिण हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और दक्षिण असम से होती हुई गुजर रही है। एक चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों पर समुद्र तल से 4.5 और 5.8 किमी ऊपर है। एक अपतटीय ट्रफ रेखा गुजरात तट से केरल तट तक फैली हुई है। इससे मानसूनी बारिश उत्तर प्रदेश में अभी होती रहेगी। हालांकि पूर्वी उत्तर प्रदेश की अपेक्षा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कम बारिश की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि कानपुर में अधिकतम तापमान 34.4 और न्यूनतम तापमान 25.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 98 और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता 64 प्रतिशत रही। हवाओं की दिशाएं उत्तर पश्चिम रहीं जिनकी औसत गति 5.0 किमी प्रति घंटा रही और बारिश 12.2 मिमी दर्ज की गई। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिनों में हल्के बादल छाए रहने के कारण पांच जुलाई तक तेज हवाओं के साथ हल्की से भारी बारिश होने की संभावना है।
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