दुधमुंही बच्ची को मां ने कानपुर सेंट्रल परिसर में छोड़ा, रेलवे चाइल्ड लाइन ने दिलाया सहारा

 
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कानपुर। कानपुर सेंट्रल परिसर में रविवार को एक महिला ने अपनी ममता का त्याग करते हुए चार माह की दुधमुंही बच्ची को छोड़ कर गायब हो गई। सूचना पाकर पहुंची रेलवे चाइल्ड लाइन ने बच्ची के पालन पोषण के लिए सुभाष चिल्ड्रेन विशेष दत्तक ग्रहण इकाई में सहारा दिलाया।

रेलवे चाइल्ड लाइन समन्वयक गौरव सचान ने बताया कि रविवार को जीआरपी में तैनात एसआई अवधेश पाठक ने परिसर में एक बच्ची के पड़े होने की सूचना दी। इसके बाद वह स्वयं कार्यकत्री रीता सचान के साथ वहां पहुंचे और बच्ची को अपनी सुपुर्दगी में लिया। वहीं बच्ची की मां के बारे में आस-पास के लोगों से पूछताछ भी की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। गौरव ने बताया बच्ची के दस्तावेजों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर सुभाष चिल्ड्रेन विशेष दत्तक ग्रहण इकाई में सहारा दिलाया गया है।

रेलवे चाइल्डलाइन निदेशक कमल कान्त तिवारी ने बताया कि किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अर्न्तगत बच्चे को दत्तक ग्रहण में देने का अधिकार जिला जज व मान्यता प्राप्त दत्तक ग्रहण ईकाई को है। जिसके साथ ही परित्याग बालक व बालिका को गैरकानूनी ढंग से रखना किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 32 के अनुसार किशोर न्याय अधिनियम का उल्लंघन व बालक के अधिकारों का हनन माना जाता है।

इसमें गैरकानूनी गोद देने व लेने वाले के खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी हो सकती है। साथ ही उन्होंने बताया कि बालिका को उसकी मां व परिजनों द्वारा लावारिस हालात में छोड़ दिया था। उन्होंने जीआरपी की कार्यशैली व सतर्कता की सराहना भी की है।

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