राष्ट्रीय विकलांग पार्टी ने कोरोना की वजह से चुनाव बढ़ाने की उठाई मांग

 
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कानपुर। उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव की तिथियां घोषित होते ही राजनीतिक दल पूरी तरह से चुनावी मोड पर आ गये। लेकिन राष्ट्रीय विकलांग पार्टी ने चुनाव का विरोध जताया। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में सरकारों की जिम्मेदारी सबसे पहले लोगों को सुरक्षित रखना होता है। ऐसे में अगर जरुरत पड़े तो राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाये और कोराना के बाद चुनाव होना चाहिये। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि चुनाव की तिथियां बढ़ाई जायें।

शनिवार को हुई चुनाव आयोग की बैठक के बाद उत्तर प्रदेश में चुनाव की तारीख की घोषणा कर दी गई हैं। उत्तर प्रदेश में सात चरण में चुनाव होंगे तो वही कानपुर में तीसरे चरण में 20 फरवरी चुनाव की तारीख घोषित की गई है। अब इस चुनाव की तारीख को लेकर राष्ट्रीय विकलांग पार्टी ने बैठक करते हुए चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ नाराजगी जताते हुए एक बैठक का आयोजन किया। बैठक के दौरान राष्ट्रीय विकलांग पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि जिस तरह से देश भर में कोरोना वायरस की महामारी फैली हुई है शासन और प्रशासन को सबसे पहले शहरवासियों और देशवासियों को सुरक्षित करने की आवश्यकता है। उसके बाद ही चुनाव होने चाहिए। कहा कि आज की इस बैठक के माध्यम से हम मांग करते हैं कि चुनाव की तारीख को आगे बढ़ाया जाए और आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रपति शासन भी लगाया जा सकता है।

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