मुख्तार को परिवार और वकील से मिलने दिया जाये: न्यायालय

 

मऊ - उत्तर प्रदेश में मऊ जिले की एक अदालत ने बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को जेल मैनुअल के अनुसार परिवार और वकील से मिलने की इजाजत देने का आदेश जेल प्रशासन को दिया है।
फर्जी पते पर असलहा देने की सिफारिश के एक मामले में गुरूवार शाम माफिया डान की पेशी वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये सीजेएम कोर्ट में हुयी। अपना पक्ष रखने के मामले में अधिवक्ता नहीं होने के बाबत मुख्तार ने सीजेएम से गुहार की कि उसे अधिवक्ता और परिवार वालों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। इस पर न्यायाधीश ने मुख्तार को जेल मैनुअल के अनुसार उनके परिवार और अधिवक्ता से मिलने की सुविधा देने का आदेश दिया।
मऊ के थाना दक्षिण टोला क्षेत्र में आठ जनवरी 2020 को शस्त्र लाइसेंस धारकों के पते के सत्यापन के संबंध में जांच कराई गई थी जिसकी प्रारंभिक रिपोर्ट में लाइसेंस धारको द्वारा गलत पता दर्शा कर शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करना पाया गया। इस मामले में शस्त्र लाइसेंस इसराइल अंसारी,मोहम्मद शाह आलम,अनवर सहजाद,सलीम को निरूद्ध किया गया। मुख्तार अंसारी द्वारा 15 जनवरी 2020 को अपने लेटर पेड का प्रयोग कर लाइसेंस देने का अनुरोध किया गया था। तत्कालीन लेखपाल व थानाध्यक्ष द्वारा प्रभाव में आकर गलत सत्यापन आख्या प्रस्तुत की गई। शाह आलम की पुलिस मुठभेड़ में मृत्यु हो चुकी है तथा एसओ के विरूद्ध पार्ट इन्वेस्टिगेशन हो रही है शेष के विरूद्ध चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत हो चुकी है ।

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