मायावती ने तेलंगाना सरकार पर साधा निशाना कहा-पवित्र संविधान के प्रति कर्तव्यनिष्ठा जरूरी
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने तेलंगाना में क्लास 10 के सोशल साइंस की किताबों पर छपे संविधान की प्रस्तावना की गलती को आड़े हाथों लिया है। इसी के बहाने मायावती ने सरकार को नसीहत दी है। उन्होंने कहा है कि पवित्र संविधान के प्रति कर्तव्यनिष्ठा का होना जरूरी है। मायावती ने शनिवार […]
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने तेलंगाना में क्लास 10 के सोशल साइंस की किताबों पर छपे संविधान की प्रस्तावना की गलती को आड़े हाथों लिया है। इसी के बहाने मायावती ने सरकार को नसीहत दी है। उन्होंने कहा है कि पवित्र संविधान के प्रति कर्तव्यनिष्ठा का होना जरूरी है।
मायावती ने शनिवार को ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा “तेलंगाना में क्लास 10 के सोशल साइन्स की किताबों के कवर पर छपे संविधान के प्रस्तावना में छेड़छाड़ व उससे ‘सेक्युलर’, ‘सोशलिस्ट’ शब्द का गायब होना सरकार की निष्ठा व कार्यकलाप पर सवाल खड़े करता है। ऐसी लापरवाही गंभीर मामला है। सरकार ध्यान दे। पवित्र संविधान के प्रति कर्तव्यनिष्ठा जरूरी है।”
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां