बाराबंकी में नाबालिग रेप पीड़िता ने पुलिस कार्रवाई में देरी के कारण लगा ली फांसी
बाराबंकी। दुष्कर्म के प्रयास की शिकायत करने के पांच दिन बाद उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में 16 वर्षीय नाबालिग दलित लड़की अपने घर में फंदे से लटकी पाई गई। उसके परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी और उनके द्वारा उपहास उड़ाए जाने के कारण लड़की ने आत्महत्या कर […]
बाराबंकी। दुष्कर्म के प्रयास की शिकायत करने के पांच दिन बाद उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में 16 वर्षीय नाबालिग दलित लड़की अपने घर में फंदे से लटकी पाई गई। उसके परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी और उनके द्वारा उपहास उड़ाए जाने के कारण लड़की ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि वह इस घटना से बहुत उदास थी और उसने अपना जीवन समाप्त करने का फैसला किया।
पुलिस के मुताबिक, गुरुवार को सबसे पहले लड़की की मां ने उसका शव देखा।
लड़की के परिवार ने स्थानीय ग्राम प्रधान को सूचित किया, जिन्होंने बाद में पुलिस को बताया।
बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि 17 जून को लड़की की शिकायत पर हैदरगढ़ पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 376/511 के तहत बलात्कार के प्रयास की प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
उन्होंने कहा कि लड़की की मेडिकल जांच पहले हो चुकी थी और गुरुवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने उसका बयान दर्ज किया जाना था, लेकिन इससे पहले ही उसने आत्महत्या कर ली।
उन्होंने कहा कि मामले के जांच अधिकारी उप-निरीक्षक योगेन्द्र प्रताप सिंह को मामले की जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को आत्महत्या की जांच करने के लिए कहा गया है और अगर जरूरत पड़ी तो आत्महत्या के लिए उकसाने का एक और मामला दर्ज किया जाएगा।
बच्ची की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश के बाद एसपी ने खुद घटनास्थल का दौरा किया।
उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां