भीड़ द्वारा हिंसा एवं हत्या करने वालो पर हो कड़ी कार्रवाई:गोयल

 
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लखनऊ,- उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकुल गोयल ने राज्य में भीड़ द्वारा हिंसा एवं हत्या करने की घटनाओं को गंभीरता से लेते आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करने को कहा है।
श्री गोयल ने आज सभी जोनल अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक प्रभारी जिले को भीड़ द्वारा हिंसा एवं हत्या करने की घटनाओं की रोकथाम के सम्बन्ध में नोड्ल अधिकारी नामित करने एवं अभियोगो की विवेचनाओं आदि के सम्बन्ध में मुख्यालय स्तर से पूर्व में जारी परिपत्र/निर्देशों का कड़ाई से प्रभावी अनुपालन कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
डीजीपी ने अपने निर्देश में कहा है कि भीड़ द्वारा की गई हिंसा एवं हत्या की घटनाए जघन्य अपराध हैं। अतिरिक्त सतर्कता एवं मिथ्या अवधारणाओं के आधार पर व्यक्तियों के किसी समूह अथवा भीड़ द्वारा कानून का स्वयं पालन कराये जाने पर किसी व्यक्ति के विरूद्ध हिंसात्मक कार्रवाई करना विधि के तहत पूर्णतया अक्षम्य एवं दण्डनीय अपराध है। इस प्रकार की प्रत्येक घटना एवं ऐसी किसी भी घटना को उकसाने वाली दुष्प्रवृत्ति को रोकना सभी कानून प्रवर्तन अभिकरणों का प्रमुख कर्तव्य है।
पुलिस महानिदेशक ने पूर्व में निर्गत परिपत्र/निर्देश के अनुक्रम में भीड़ द्वारा की गई हिंसा एवं हत्या किये जाने के प्रभावी रोकथाम एवं कार्रवाई के लिए निमित्त जोनल अपर पुलिस महानिदेशक/पुलिस आयुक्त को अपने निकट पर्यवेक्षण में मुख्यतः निम्न दिशा निर्देशों का अनुपालन कराने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि विगत में भीड़ द्वारा हिंसा/हत्या की घटनाओं का आकलन कर संवेदनशील स्थानों का चिन्हिकरण करते हुए अतिरिक्त सजगता के साथ प्रभावी कार्रवाई की जाये। इस प्रकार की घटनाओं में संलिप्त पाये जाने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध अविलम्ब विधि सम्मत कठोर कार्रवाइ
की जाय।
उन्होंने कहा कि चिन्हित स्थानों पर अभिसूचना तंत्र को और अधिक सक्रिय करते हुए प्रभावी पुलिस पेट्रोलिंग की कार्रवाई काराई जाय। सोशल मीडिया पर इस सम्बन्ध में फैलाई जा रही अफवाहों का त्वरित रूप से खण्डन किया जाय। सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले अफवाहों को रोकने के लिए सांभ्रान्त व्यक्तियों, जिम्मेदार नागरिकों एवं डिजिटल वालिन्टियर्स का सक्रिय सहयोग लिया जाय।
इस प्रकार की घटना आदि को बढ़ावा देने वाले आपत्तिजनक संदेशों तथा वीडियों आदि को प्रसारित करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध भादवि की सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर कठोर की जाय। नोड्ल अधिकारी भीड़ द्वारा की गयी हिंसा/हत्या से पीड़ित परिवार के सदस्यों को पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना-2014 (संशोधन 07.06.2016) के अनुमन्य आर्थिक क्षतिपूर्ति आदि दिलाने के लिए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करें।

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