लखनऊ में दो व्यापारियों से हुई लूटकांड का खुलासा, सात अभियुक्त गिरफ्तार
लखनऊ। राजधानी में दो अलग-अलग थाना क्षेत्र में हुए लूटकांड का पुलिस ने चौबीस घंटे के भीतर ही खुलासा कर दिया है। पुलिस ने सात अभियुक्तों को गिरफ्तार करते हुए लूटी गई रकम, वाहन और पुलिस की फर्जी आईडी बरामद की है। सयुंक्त पुलिस कमिश्नर अपराध आकाश कुलहरि ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर थाना […]
लखनऊ। राजधानी में दो अलग-अलग थाना क्षेत्र में हुए लूटकांड का पुलिस ने चौबीस घंटे के भीतर ही खुलासा कर दिया है। पुलिस ने सात अभियुक्तों को गिरफ्तार करते हुए लूटी गई रकम, वाहन और पुलिस की फर्जी आईडी बरामद की है।
सयुंक्त पुलिस कमिश्नर अपराध आकाश कुलहरि ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर थाना नाका और थाना बीकेटी में व्यापारियों के साथ हुई लूट का पर्दाफाश किया है। पकड़े गए अभियुक्तों में लखीमपुर खीरी निवासी ऋषि कनौजिया, सौरभ, कैसरबाग निवासी आजम अहमद, अमीनाबाद निवासी दनिश,बीकेटी निवासी आकाश गौतम, रायबरेली निवासी मो. जावेद और राजस्थान निवासी राकेश कुमार है। अभियुक्तों के पास से 23 लाख 55 हजार रुपये, कार, मोटर साइकिल, पिस्टल मय दो तमंचा और 15 कारतूस, पुलिस की फर्जी आईडी कार्ड बरामद हुए हैं।
सयुंक्त पुलिस कमिश्नर कुलहरि ने बताया कि 20 जून को थाना नाका में 15 लाख और बीकेटी में आठ लाख 55 हजार रुपये की व्यापारियों से लूट की घटना हुई थी। इस घटना की जांच के लिए दो डीसीपी के नेतृत्व में कई टीमें लगाई गई थीं। कम समय में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सभी आरोपितों को पकड़कर दोनों ही लूट में पूरी रकम बरामद कर ली है।
पूछताछ में पता चला है कि इन दोनों घटनाओं में बदमाशों को व्यापारियों के बारे में पूरी जानकारी थी। पैसा ले जाने के दौरान इन लोगों ने व्यापारियों को रोककर पुलिस का फर्जी आईडी कार्ड दिखाकर उन्हें डराया था कि अगर ये अवैध मनी है तो पुलिस उन्हें थाने ले जाकर पूछताछ करेगी। व्यापारी जब डर जाता था तो ये लोग पैसा लूटकर उसे छोड़ देते थे। इसी तरह बीकेटी में व्यापारी अपनी कार से जा रहा था तो इन लोगों ने कार से पीछा करके व्यापारी को रोककर पुलिस की वही फर्जी आईडी दिखाकर उससे पैसा डरा धमकाकर लूट लिया। फिलहाल आरोपितों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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