उप्र: गोवंश संरक्षण के साथ तस्करी पर लगा ब्रेक, 150 से ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस भी बंद

 
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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में गोवंश संरक्षण और संवर्धन का एक तरफ जहां बीड़ा उठा रखा है, वहीं सख्ती से गो तस्करी और अवैध स्लाटर हाउस के संचालन पर रोक लगा रखी है। प्रदेश में 150 से ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस बंद करा दिए गए हैं। इसके अलावा 356 गौ तस्कर माफिया को चिह्नित करते हुए 1823 आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रदेश में पहली बार 68 गो तस्कर माफिया की गैंगस्टर एक्ट के तहत 18 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की गई है।एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पिछली सरकारों में गो तस्करी बड़ा मुद्दा था, जिसे लेकर आए दिन हिंसा और बवाल हुआ करते थे। सपा सरकार के दौरान गो तस्करी का कारोबार अपने चरम पर था और स्लाटर हाउस के संचालन को लेकर भी मानकों की अनदेखी की जाती थी। इस दौरान नए स्लाटर हाउस खोलने की अनुमति भी दी गई थी लेकिन प्रदेश में सरकार बदलने के बाद सीएम योगी ने इस पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश और केंद्र सरकार की गाइड लाइन का अक्षरश: पालन कराया गया। नगर विकास विभाग के मुताबिक जिलों में संचालित रोजाना तीन सौ, चार सौ और पांच सौ पशुओं के कटान की क्षमता वाले 150 से अधिक मानकों के विपरीत स्लाटर हाउस को बंद करा दिया है। फिलहाल, प्रदेश में मानकों के आधार पर 35 स्लाटर हाउस संचालित हैं।पुलिस ने पहली बार बड़े पैमाने पर की सख्त कार्यवाहीप्रदेश में गो तस्करी पर रोक लगाने के लिए पहली बार बड़े पैमाने पर सख्त कार्यवाही की गई है। पुलिस विभाग के जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साढ़े चार साल में 319 गो तस्कर माफिया को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही दो आरोपितों की कुर्की और 14 पर रासुका लगाया गया है। इसके अलावा 280 आरोपितों पर गैंगेस्टर, 114 पर गुंडा एक्ट और 156 आरोपितों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है।5278 स्थायी गोवंश आश्रय स्थल में पांच लाख 86 हजार से अधिक गोवंशमुख्यमंत्री योगी का गायों से प्रेम किसी से छिपा नहीं है। गो संरक्षण और संवर्धन के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री निराश्रित, बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना शुरू की है। इसके तहत इच्छुक किसान, पशुपालक और अति कुपोषित परिवारों को एक-एक गाय और प्रति माह नौ सौ रुपए दिए जा रहे हैं।ग्राम विकास और पशुधन विभाग के अनुसार प्रदेश में जुलाई माह तक 43,168 से अधिक लोगों को 83,203 से अधिक गोवंश दिए गए हैं। प्रदेश में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को मिलाकर कुल 5278 स्थायी गोवंश आश्रय स्थल बनाए गए हैं, जिसमें करीब 5,86,793 गोवंश हैं।मुख्यमंत्री योगी ने एक्ट संशोधित कर बंद किए सरकारी स्लाटर हाउससीएम योगी ने सरकारी स्लाटर हाउस के संचालन को लेकर आ रही दिक्कतों को देखते हुए 2018 में एक्ट संशोधित किया, जिसमें नगर निकाय को किसी भी प्रकार के स्लाटर हाउस के संचालन और स्थापना से मुक्त कर दिया गया। नगर निकाय एक्ट में प्रावधान था कि निकाय खुद स्लाटर हाउस चलाएंगे। अब निजी रूप से मानकों के आधार पर कोई भी स्लाटर हाउस संचालित कर सकता है लेकिन अनुमति के लिए निर्णय नगर विकास विभाग की स्टेट लेवल कमेटी लेगी।

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