मथुराः खेत में मिली मादा अजगर ने दिए 50 अंडे,रेस्क्यू टीम ने कीठम झील में सु​रक्षित छोड़ा

 
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मथुरा। खेत में मादा अजगर के अंडे देने की सूचना पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने मादा अजगर को उसके बिल से पकड़ लिया। पकड़ी मादा अजगर को कीठम झील में सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा। अजगर के पकड़े जाने पर किसान ने राहत की सांस ली। गांव चिकसौली के किसान बुद्धा का खेत रूपनगर रोड पर है। मेड़ में एक मादा अजगर ने अपना बिल बना लिया। मादा अजगर ने 50 अंडे किसान के खेत में देने के बाद उसके पास कुंडली मार कर बैठ गई। मादा अजगर की लंबाई और मोटाई को देखकर किसान घबरा गया। किसान ने मादा अजगर अपने खेत मे होने की जानकारी वन विभाग को दी। वन विभाग ने सांप पकड़ने वाली आगरा की वाइल्ड लाइफ एसओएस टीम को सूचना दी। उसके बाद वहां से कर्मवीर सिंह, अनुज सिंह, साजिद खान को भेजा गया। कर्मवीर ने चिकसौली के जंगल में पहुंच कर बिल में छिप कर बैठी मादा अजगर को जमीन खोद कर निकाला।
कर्मवीर ने बताया मादा अजगर का वजन 20 से 25 किलोग्राम है। इसकी लंबाई 10 फीट है। इसको कीठम झील में सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया जाएगा। अंडा देने के कारण यह भाग नहीं सकती थी। जंगल में कहीं नर अजगर और होगा। ग्रामीण बड़े अजगर को देखकर घबरा गए थे। हालांकि वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने पहले भी ऐसे सांपों को पकड़ा है। वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि सांपों से जुड़े बचाव अभियान जोखिम भरे हो सकते हैं, लेकिन हमारी टीम को ऐसी परिस्थितियों को संभालने के लिए अच्छी तरह से प्रशिक्षित किया गया है। 
इंडियन रॉक पायथन (अजगर) एक गैर विषैली सांप की प्रजाति है। ये मुख्य रूप से छोटे जानवर, चमगादड़, पक्षियों, छछूंदर, हिरण और जंगली सुअर को अपना आहार बनाते हैं। इस प्रजाति को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची के तहत संरक्षित किया गया है और कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल ट्रेड इन एनडेंजर्ड स्पीशीज (CITES) के परिशिष्ट के तहत सूचीबद्ध किया गया है।

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