मथुरा के चांदी व्यापारी से सेक्स टैक्स अफसरों ने लूटे थे 43 लाख, सभी हुए निलंबित, अब है फरार, ईनाम हुआ घोषित 

 
1

मथुरा। मथुरा के चांदी कारोबारी से कुछ दिनों पहले  वाणिज्य कर के अफसरों द्वारा  43 लाख रुपये छीनने के मामले में उप्र सरकार ने सेल्स टैक्स विभाग के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया था , अब उन पर ईनाम भी घोषित कर दिया गया है । ईनाम घोषित  होने वाले अफसरों में सेल्स टैक्स के जॉइंट कमिश्नर, एसआईबी अभिषेक श्रीवास्तव, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड 2, एसआईबी ऊठ सिंह, अजय कुमार असिस्टेंट कमिश्नर, मोबाइल सचल दल सप्तम, आगरा और शैलेन्द्र कुमार, सीटीओ मोबाइल सचल दल- 7, आगरा शामिल हैं। 

अधिकारियों की ओर से 43 लाख रुपए छीनने का मामला उस समय सुर्खियों में आया था,जब आगरा दौरे पर सीएम योगी गए थे। मथुरा के गोविंद नगर निवासी प्रदीप अग्रवाल की विनायक ट्रेडर्स के नाम से फर्म है। वह 22  अप्रैल की रात अपने चालक राकेश के साथ बिहार से व्यापार करके आगरा आ रहे थे। उनके पास कार में बैग के अंदर चांदी बिक्री के 43 लाख रुपये रखे हुए थे। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर फतेहाबाद टोल के पास कार को जीएसटी अधिकारियों ने रोक लिया था। इसके बाद व्यापारी को जयपुर हाउस स्थित कार्यालय पर अधिकारी ले गए थे। प्रदीप अपनी गाड़ी से चालक राकेश चौहान के साथ व्यापार के संबंध में बिहार के कटिहार गए थे। वापस लौटते समय प्रदीप अग्रवाल की गाड़ी लखनऊ एक्सप्रेस वे के फतेहाबाद टोल प्लाजा पहुचीं। यहां पर पहले से मौजूद वणिज्यकर अधिकारियों की ओर से कारोबारी की गाड़ी रुकवाकर उसे इंट्रोगेशन के नाम पर वाणिज्यकर कार्यालय ले गए । जहां जीएसटी अधिकारियों ने चांदी कारोबारी से नियमों का हवाला देते हुए झूठे मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देते हुए 43 लाख रुपये हड़प लिये।

घटना के 12 दिन बाद पीड़ित कारोबारी प्रदीप अग्रवाल ने एसएसपी आगरा से इस मामले की शिकायत की थी। एसएसपी के आदेश पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। वहीं दूसरी तरफ विभागीय जांच में आरोपी अधिकारियों में असिस्टेंट कमिशनर, वाणिज्यकर अधिकारी, सिपाही और गाड़ी चालक का नाम सामने आया। वाणिज्यकर कमिश्नर ने एसएसपी को भेजे पत्र में आरोपियों के नाम का खुलासा किया था। इसके बाद पुलिस ने मुकदमे में नामों को शामिल किया और विवेचना शुरू कर दी। कारोबारी ने पुलिस को बताया था कि उसे यह रकम चांदी बेचकर मिली थी। उसके पास चांदी बेचने के बिल भी मौजूद हैं। यही नहीं कारोबारी ने व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष रविकांत से भी शिकायत की थी।

आगरा दौरे पर आये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने इन अफसरों को निलंबित कर दिया था, मंगलवार को वाणिज्य कर के फरार असिस्टेंट कमिश्नर अजय कुमार, वाणिज्य कर अधिकारी शैलेंद्र कुमार और प्राइवेट गाड़ी चालक दिनेश कुमार पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट पूर्व में जारी किए जा चुके हैं।सोमवार को पुलिस ने बुलंदशहर निवासी सिपाही संजीव कुमार को गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को विवेचक सीओ सदर राजीव कुमार ने उसे एंटी करप्शन स्पेशल कोर्ट मेरठ में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है। । एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद और सीओ सदर राजीव कुमार ने उससे कई घंटे पूछताछ की। उसने बताया कि एक कार को रोका था। इसके बाद अधिकारी उसे कार्यालय लेकर आए थे। 

एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि असिस्टेंट कमिश्नर और वाणिज्यकर अधिकारी की गिरफ्तारी को शासन से अनुमति मांगी गई थी। अनुमति मिल गई है।

सीओ सदर राजीव कुमार ने बताया कि अजय कुमार लखनऊ के इंदिरा नगर और शैलेंद्र कुमार चंदौली के रहने वाले हैं। सभी घरों से फरार हैं। अजय आगरा में फिनिक्स पुष्प विला गार्डेनिया अपार्टमेंट और शैलेंद्र कुमार अपर्णा प्रेम अपार्टमेंट में रहते थे। दोनों के फ्लैट पर ताला लगा है। उनके गैर जमानती वारंट लिए जा चुके हैं। अब एसएसपी मुनिराज जी ने ने दोनों अधिकारी और चालक पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी हुई है।  

From around the web