छेड़छाड़ के मामले में 4 साल से नहीं मिला न्याय, परेशान महिला ने थाने के गेट पर खुद को लगाई आग

 
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मथुरा। जिले के राया थाना परिसर में शनिवार को समाधान दिवस चल रहा था। इसी दौरान चार सालों से न्याय न मिलने से परेशान महिला पहुंची और उसने थाना परिसर में आग लगाकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई। पुलिस ने महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने गंभीर हालत देखते हुए आगरा रेफर कर दिया है। सूचना पाकर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा जानकारी लेने के बाद जांच के आदेश पारित किए है।

थाना राया क्षेत्र के एक गांव निवासी 35 वर्षीय महिला के साथ चार वर्ष पूर्व गांव के ही कुछ लोगों ने छेड़छाड़ कर दी थी। जिसका मुकदमा थाना राया में दर्ज हुआ था। महिला के पति ने बताया कि आरोपियों द्वारा उस मामले में राजीनामा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जिसके चलते पीड़ित महिला आहत थी। शनिवार दोपहर को पीड़ित महिला थाना राया में चल रहे समाधान दिवस पर पहुंची। वह अपने साथ बोतल में ज्वलनशील पदार्थ लेकर आई थी। थाना राया के गेट पर उसने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया और आग लगा ली। आग लगते ही थाना परिसर में चीख-पुकार मच गई। लपटों से घिरी महिला को देख पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। पुलिसकर्मियों ने महिला पर कंबल आदि डालकर आग बुझाई। तब तक महिला 75 फीसदी झुलस चुकी थी। उसे तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया गया। जहां हालत गंभीर होने उसे आगरा रेफर कर दिया गया।

महिला द्वारा खुद को आग लगाने की सूचना पर बरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव  ग्रोवर, अपर पुलिस अधीक्षक श्रीशन्द्र, क्षेत्राधिकारी महावन रविकांत पराशर, तहसीलदार महावन अजित सिंह थाना राया पहुच गए और महिला के पति से घटना की जानकारी ली। एसएसपी ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। 

शनिवार शाम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि एक फरियादी महिला अपनी फरियाद लेकर समाधान दिवस में पहुंची थी, तभी थाना परिसर में उस महिला ने अपने ऊपर केरोसिन डालने के साथ आग लगाकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने महिला को बचाया, इसके बाद महिला को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया था, लेकिन हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया है।

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