24 घंटे में मिले वायरल के 60 रोगी, स्वास्थ्य विभाग की टीम कर रही जांच

 
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मेरठ। वायरल और डेंगू मरीजों की खोज के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम घर—घर जाकर सर्वे कर रही है और लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है। वायरल से पीडित मरीजों को दवाई दी जा रही है और उनकी खून की जांच की जा रही है। मंडलीय अधिकारी डा0 अशोक तालियान ने बताया कि संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर व डेंगू के हमले के चलते सात सितंबर से विभाग की ओर से टीमें घर-घर जाकर सर्वे कार्य हो रहा है। जांच में जो मरीजों मिल रहे हैं उनका उपचार सीएचसी और अन्य अस्पताल में करवाया जा रहा है। जांच के साथ ही लोगों को स्चव्छता व बीमारी से बचाव के प्रति जागरुक किया जा रहा है। पिछले 24 घंटे के भीतर वायरल के 60 रोगी मिले हैं। 
जिले के कई हिस्सों में डेंगू और वायरल समेत विभिन्न तरह के बुखार के मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मिली खबर के अनुसार बुखार और अन्य कारणों से बीमार 130 लोग अस्पताल में भर्ती किया गया है। वहीं प्रदेश में डेंगू के कारण दो मौतों का मामला सामने आया है। जिला पिछले तीन सप्ताह से डेंगू और घातक वायरल फीवर से जूझ रहा है। इसमें अधिकांश पीड़ित बुजुर्ग,बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। डेंगू,मलेरिया सहित मौसमी बीमारियों ने कहर बरपा रखा है। डेंगू के मच्छर साफ और स्थिर पानी में पैदा होते हैं। वहीं, मलेरिया के मच्छर गंदे पानी में भी पनपते हैं।
वहीं शासन ने पत्र लिखकर डेंगू जैसी वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर गतिविधियों में तेजी लाने पर जोर दिया है। शासन की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए कीट विज्ञान निगरानी, स्रोत में कमी लाने संबंधी गतिविधियों और त्वरित वेक्टर नियंत्रण उपायों को क्रियान्वित किया जाना चाहिए।
एडी मेरठ डा0 राजकुमार चौधरी ने बताया कि मंडल में मेरठ सहित अन्य जिलों में डेंगू जैसी वेक्टर जनित बीमारियों (वीबीडी) के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। इन रोगों का प्रसार और संचरण पर्यावरणीय कारकों से प्रभावित होता है तथा वेक्टर प्रसार के लिए अनुकूल वातावरण के कारण मानसून और मानसून के बाद की अवधि के दौरान इनका संचरण अधिकतम होता है।

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