7 साल के मासूम ने महिला को बंदरों से बचाने के लिए डंडा लेकर लगा दी दौड़

 
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मेरठ। बंदरों को देख जहां बड़े भी घर के भीतर कैद होने में अपनी भलाई समझते हैं। वहीं इसके उलट सात साल के मासूम डुग्गू ने एक महिला की जान उत्पाती बंदरों के झुंड से बचाई। महिला को बचाने के लिए डुग्गू ने जो आदम्य साहस दिखाया उसकी कॉलोनी ही नहीं बल्कि आसपास के इलाके में भी प्रशंसा हो रही है। डुग्गू के साहस से महिला की बची जान तो कॉलोनी वासियों ने मासूम डुग्गू को सम्मानित किया। 
घटना गंगा नगर के राधा गार्डन कॉलोनी की है। जहां एक महिला पार्क में घूमने गई थी। वहीं महिला के पड़ोस में रहने वाले नवीन प्रधान के सात साल के पुत्र डुग्गू बाहर कुत्तों को रोटी डालने के लिए निकले थे। इसी दौरान महिला को पार्क में बंदरों के झुड ने घेर लिया। बंदरों से खुद को घिरा देख महिला भयभीत हुई और उनकी चींख निकल गई। मासूम डुग्गू घर के भीतर गया और वहां से डंडा लेकर बंदरों के झुंड की ओर महिला को बचाने के उदृेश्य से दौड़ लगा दी। डुग्गू जब बंदरों के पीछे डंडा लेकर दौड़ा तो उसके पीछे कुत्तों ने भी दौड़ लगा दी। यह देखकर बंदरों ने भागने में ही अपनी भलाई समझी। बच्चे के साहस को देखते हुए कॉलोनी के लोगों ने बैठक कर उसे पुरस्कृत किया है।
राधा गार्डन कॉलोनी निवासी जिस महिला की डुग्गू ने जान बचाई उसका नाम आशा विज है। आशा विज ने जब बच्चे के साहस की बात कॉलोनी में बताई तो सभी ने उसकी प्रशंसा की। राधा गार्डन के आदर्श पार्क में कॉलोनीवासियों की बैठक हुई। जिसमें सात वर्षीय बालक डुग्गू को बहादुरी के लिए प्रतीक चिह्न देकर प्रोत्साहित किया गया। कॉलोनी में बंदरों के आंतक से लोग परेशान हैं। नगर निगम से इस संबंध में शिकायत भी की जा चुकी है। लेकिन इसके बाद भी बंदरों के आतंक पर रोक नहीं लग पा रही है।

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