मेरठ में खुशी की रिहाई के लिए आगे आई आप, प्रदर्शन कर राज्यपाल को भेजा ज्ञापन 

 
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मेरठ। बिकरु कांड में खुशी दुबे,क्षमा दुबे, शांति दुबे,रेखा अग्निहोत्री व उसके मासूम बेटे की रिहाई के लिए आप पार्टी आगे आई है। आप ने आज प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। 
आज प्रदेश भर में आम आदमी पार्टी ने कानपुर के बिकरु कांड मामले में जेल में बंद खुशी दुबे समेत 4 महिलाओं की रिहाई के लिए आवाज उठाई। ज्ञापन के जरिये आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी की और से प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल को अवगत कराया गया है कि कानपुर के बिकरु कांड में कई महिलाओं को नियम क़ानून को ताक पर रखकर पिछले 10 महीनों से जेल में रखा गया है। जिसमें ख़ुशी दुबे पत्नी अमर दुबे, अमर दुबे की माँ क्षमा दुबे, विकास दुबे की नौकरानी रेखा अग्निहोत्री व हीरू दुबे की माँ शांति दुबे शामिल हैं।
बिकरु काण्ड में अमर दुबे के एनकाउंटर से तीन दिन पहले ख़ुशी दुबे से उसकी शादी हुई थी। पुलिस के रिकॉर्ड में ख़ुशी दुबे के विरुद्ध पहले से कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। ख़ुशी दुबे नाबालिग है। उसकी गिरफ़्तारी के बाद जब मीडिया में मामले ने तूल पकड़ा तो कानपुर के तत्कालीन एसएसपी दिनेश कुमार ने मीडिया में बयान दिया कि ख़ुशी दुबे निर्दोष है और उसको रिहा कर दिया जाएगा। पिछले 10 महीनों से ख़ुशी दुबे जेल में है। कई बार उसे अति गंभीर हालत में बाराबंकी व लखनऊ के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। उसको खून की उल्टियां हुईं। इन घटनाओं से परिवार के लोग डरे और सहमे हुए हैं और उन्हें अपनी बेटी के जीवन की चिंता है कि कहीं जेल में उसके साथ कोई अनहोनी न हो जाए, उसका जीवन न चला जाए।
आप का आरोप है कि इसी तरह अमर दुबे की मां क्षमा दुबे को भी पिछले 10 महीने से जेल में रखा गया है, पुलिस प्रशासन और सरकार यह बताने में नाकाम है कि अमर दुबे की मां क्षमा दुबे क्यों जेल में बंद है। इस संबंध में पुलिस प्रशासन कोई ठोस प्रमाण नहीं दे पाया है।
जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में आदित्यनाथ की सरकार प्रतिशोध, दुर्भावना और नफरत के आधार पर काम कर रही है। इसको लेकर लोगों के मन में भारी कष्ट और रोष है। विशेष तौर से महिलाओं के साथ ऐसा जुर्म, ऐसी यातना और ऐसी नफरतपूर्ण कार्रवाई ने सबको हिलाकर रख दिया है। 
इस मौके पर गुरमिन्दर सिंह, सुशील पटेल, अज्जू पंडित, गोहर सिद्दिकी, पारूल चौधरी, रियाजुद्दिन, मनोज भाटी, नरेश पाल, संजय जोशी, त्रिलोक सिंह, गीता रानी, एस के शर्मा , देशवीर सिंह, नफीस, नाजिम, फुरकान त्यागी, सतीश कुमार, सोहनवीर सिंह, नितीन कुमार, तरीकत पंवार, मीना भटनागर, कृष्णा देवी, कविता, मनोज शर्मा, सार्थक कंसल, प्रकाश ,आंचल कुमार, सुरेश पंडित, सुमन पाल, आरिफ खान, फारूख किदवई सहीत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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