मेरठ: 2027 के महासंग्राम का 'शंखनाद' करेंगे पीएम मोदी, 22 फरवरी को मेट्रो और नमो भारत की देंगे सौगात
पश्चिमी यूपी में भाजपा का बड़ा शक्ति प्रदर्शन; 12,930 करोड़ की परियोजनाओं का होगा लोकार्पण, मेरठ से उठी आवाज पूरे प्रदेश में गुंजायमान करने की तैयारी
मेरठ। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की आहट के बीच क्रांतिधरा मेरठ एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। आगामी 22 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरठ के मोहिउद्दीनपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम को महज एक औपचारिक रैली नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपना निर्णायक राजनीतिक संदेश देने के एक बड़े मंच के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री इस दौरान दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल के अंतिम खंड और देश की सबसे तेज़ मेरठ मेट्रो का उद्घाटन कर 'डबल इंजन' सरकार की विकास रफ्तार का प्रदर्शन करेंगे।
राजनीतिक गलियारों में इस रैली को 2027 के चुनावी अभियान की अनौपचारिक शुरुआत माना जा रहा है। जाट बहुल इस क्षेत्र में विकास, राष्ट्रवाद और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के त्रिकोण पर चुनावी कथा बुनी जा रही है। मेट्रो और नमो भारत जैसी मेगा परियोजनाओं को सुशासन के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत कर भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र के उद्योग, शिक्षा और रियल एस्टेट में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। मोहिउद्दीनपुर में होने वाली इस रैली के जरिए भाजपा सामाजिक समीकरणों को साधते हुए विकास के मुद्दे को सर्वोपरि रखने की रणनीति पर काम कर रही है।
ऐतिहासिक होगा आयोजन, एक लाख से अधिक लोग जुटाने का लक्ष्य
भाजपा संगठन ने इस रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। रैली में एक लाख से अधिक लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए बूथ और सेक्टर स्तर पर बैठकों का दौर जारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह एक पुरानी परंपरा रही है कि वे अपने बड़े चुनावी अभियानों की शुरुआत मेरठ से ही करते रहे हैं। 2014 की 'शंखनाद रैली' से लेकर 2019 और 2024 के चुनावों तक, मेरठ हमेशा से मोदी के लिए 'लकी' रहा है।
मेरठ मेट्रो: देश का सबसे तेज़ शहरी परिवहन तंत्र
22 फरवरी को प्रधानमंत्री शताब्दी नगर स्टेशन से मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह देश की पहली ऐसी परियोजना है जहाँ रैपिड रेल (RRTS) और स्थानीय मेट्रो एक ही बुनियादी ढांचे पर संचालित होंगी। मेरठ मेट्रो की परिचालन गति 120 किमी प्रति घंटा होगी, जो इसे भारत की सबसे तेज़ मेट्रो बनाएगी। इसके शुरू होने से मेरठ से दिल्ली (सराय काले खां) तक का 82 किमी का सफर बेहद सुगम और समय की बचत करने वाला हो जाएगा। उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक मेट्रो की सवारी भी कर सकते हैं, जिससे शहरवासियों में भारी उत्साह है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां