महानगर में दशहरा पर्व की धूम, घरों में हुआ पूजन, चल रही पुतला दहन की तैयारी

 
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मेरठ। आज महानगर में दशहरा का पर्व मनाया जा रहा है। पौराणिक कथा के अनुसार दशहरा के दिन भगवान राम ने रावण का वध करके बुराई पर अच्छाई की जीत हासिल की थी। देश अपनी शानदार सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए हर साल इस त्योहार को बड़े ही धूम धाम से मनाता आया है। इसे दशहरा या विजयदशमी के नाम से जाना जाता है। यह त्यौहार पूरे देश में पारंपरिक उत्साह, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाता है। पंडित भारत ज्ञान भूषण ने बताया कि विजयादशमी नाम की जड़ें संस्कृत भाषा में पाई जाती हैं, जहां “विजय-दशमी” का अर्थ है दशमी के दिन जीत। यह ध्यान देने योग्य है कि देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरीके से दशहरा उत्सव मनाया जाता है। माना जाता है कि मां दुर्गा ने महिषासुर का वध करके दशहरे के दिन की जीत हासिल की थी। इसलिए विजयदशमी पर्व को शक्ति, स्वास्थ्य और शौर्य का पर्व भी कहा जाता है।
इस बार का दशहरा रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, कुमार योग शूल योग, धूम्र योग होने के कारण पंच योग से परिपूर्ण हो गया है। भद्रा रात्रि पर्यंत पृथ्वी पर नहीं उतरेगी तथा पंचक रात्रि 9:16 से पूर्व सक्रिय नहीं होंगे। इस प्रकार रावण दहन पंचक लगने से पूर्व शुभ रहेगा।
यूं तो दशमी तिथि बृहस्पतिवार की सायं 6:54 से ही प्रारंभ हो जाएगी जो शुक्रवार 15 अक्टूबर शाम 6:04 तक रहेगी। अतः नवरात्र इससे पूर्व ही हो जाना श्रेष्ठ रहेगा तथा विजई राम का पूजन अभिजीत योग व शुभ योग में दोपहर 12:06 से 12:29 तक अति विशेष है वैसे 11:43 से 1:33 तक का समय 10 विद्याओं के ज्ञाता दशानन की विद्याओ को पूजित करना तथा विजई राम की विजय गाथा का वर्णन करते हुए राम के समग्र जीवन को आत्मसात कर पूजित करना ही दशहरा को सार्थक करता है। नवरात्र विसर्जन का समय 1:18 से 3:00 बजे तक है।

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