ईद-उल-अजहा: शहरकाजी और शहरकारी ने लोगों से की अपील, शांति समिति की बैठक में लोगों से मांगा सहयोग 

 
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मेरठ। ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर प्रतिबंधित स्थानों पर कुर्बानी की मनाही रहेगी। इसके अलावा शाही ईदगाह पर भी नमाज की इजाजत नहीं है। इसको लेकर पुलिस विशेष तौर पर निगरानी रखेगी। व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए क्षेत्रीय स्तर पर भी गणमान्य लोगों से पुलिस द्वारा सहयोग लिया गया है।
थाना सदर बाजार, कोतवाली, लिसाड़ीगेट, ब्रह्मपुरी, टीपी नगर, सिविल लाइन व नौचंदी समेत अन्य थानों में दिनभर शांति समिति की बैठकों का दौर चला। पुलिस ने लोगों से कहा कि त्योहारों को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि में तत्काल पुलिस को सूचित किया जाए।
ईद-उल-अजहा की नमाज ईदगाह पर नहीं होगी। मस्जिदों में भी कोरोना गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा। एक साथ 50 अकीदतमंदों को ही नमाज अदा करने की अनुमति होगी।
 शहरकाजी प्रोफेसर जैनुलराशिद्दीन सिद्दीकी ने बकरीद त्योहार को लेकर वीडियो जारी किया है। उन्होंने कहा कि 21 जुलाई को बकरीद त्योहार को लेकर जिला प्रशासन की अनमूति न मिलने के कारण शाही ईदगाह व अन्य ईदगाहों पर नमाज नहीं होगी। मस्जिदों में सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना गाइडलाइन के साथ 50-50 लोगों को ही नमाज अदा करने की इजाजत होगी। उन्होंने जानवरों की कुर्बानी को लेकर सभी धर्मों की आस्था का ख्याल रखने की अपील की है। 
वहीं, कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने प्रतिबंधित जानवर की कुर्बानी नहीं की जाएगी। वहीं, मदरसा इमदादुल इस्लाम के प्रधानाचार्य मौलाना मशहूदूर रहमान जमाली ने लोगों से बकरीद पर अपने अंदर की बुराइयों को कुर्बान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि खुदा से बीमारी के खात्मे की दुआ करें।

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