खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए अब औ​द्योगिक इकाइयों पर भी छापेमारी के निर्देश

 
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मेरठ। किसानों को गुणवत्ता रासायनिक खाद की समय से व्यवस्था करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसकी कालाबाजारी, तस्करी, टैगिंग व किसानों की खाद का गैर कृषि कार्यों या औद्योगिक इकाईयों की ओर से उपयोग रोका जाए। निर्देश है कि मंडलायुक्त व जिलाधिकारी उर्वरकों की बिक्री शत प्रतिशत पीओएस के माध्यम से ही कराएं। साथ ही यदि औद्योगिक इकाईयों में उत्पाद निर्माण में किसानों की यूरिया मिले तो इसकी प्राप्ति का स्रोत जांचा जाए। यह जानकारी जिला कृषि अधिकारी प्रमोद सिरोही ने दी। उन्होंने बताया कि अपर मुख्य सचिव कृषि डा0 देवेश चतुर्वेदी की ओर से एक  शासनादेश जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि टेक्निकल ग्रेड यूरिया घरेलू उत्पादन व विदेश से आयात के माध्यम से उपलब्ध होता है।
औद्योगिक इकाईयों में अपने उत्पाद के लिए उपयोग में होने वाले टेक्निकल ग्रेड यूरिया की मात्रा घरेलू उत्पादन व आयात से प्राप्त होने वाली मात्रा से अधिक है। हर जिले में महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र औद्योगिक इकाईयों, जिनके द्वारा अपने उत्पादों के निर्माण में टेक्निकल ग्रेड यूरिया या फार्मेल्डिहाइड यूरिया का प्रयोग किया जाता है, की सूची तैयार करें। इसके अतिरिक्त महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र तथा जिला कृषि अधिकारी की संयुक्त टीम की ओर से इन औद्योगिक इकाईयों में टेक्निकल ग्रेड यूरिया या फार्मेल्डिहाइड यूरिया के प्राप्ति स्रोतों की गहनता से जांच कराये जाने के भी निर्देश दिये गये हैं। निर्देश में कहा गया है कि यदि किसी भी औद्योगिक इकाई की ओर से अपने उत्पाद के निर्माण में अनुदानित यूरिया का उपयोग किया जाना पाया जाता है तो उसके विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जाए।

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